घटना के बाद भाग गए थे बिहार
डोईवाला कोतवाली इंस्पेक्टर राजेश साह ने बताया कि इन दोनों आरोपियों को पता चला गया था कि पुलिस को उनके बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके हैं। इसलिए घटना के अगले ही दिन लूटे गए पैसों से एक मोटरसाइकिल खरीद ली और इसी से मुजफ्फरपुर बिहार की ओर चले गए। जब उन्हें पता चला कि दून पुलिस ने उन पर इनाम घोषित कर दिया है और जल्द गिरफ्तार हो सकते हैं तो वह वापस आ गए। दोनों आरोपी वसीम के देहरादून स्थित रिश्तेदार के घर में छिपने आ रहे थे, ताकि मौका देख कर कोर्ट में आत्म समर्पण कर सकें। उससे पहले पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
चार साल पहले मुठभेड़ में नावेद को लगी थी पैर में गोली
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि सरगना नावेद वर्ष 2018 में मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हो चुका है। इसके बाद भी वह लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उन्होंने बताया कि नावेद पर उत्तर प्रदेश में डकैती, लूट, पुलिस मुठभेड़ जैसे आठ मामले पूर्व से पंजीकृत हैं।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: अशासकीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती पर रोक, गड़बड़ी की शिकायतों के बाद विभाग ने लिया फैसला
ये माल हुआ बरामद
अभियुक्त वसीम से एक लाख 60 हजार रुपये नकद, एक हार पीली धातु, एक जोड़ी कानों के झुमके पीली धातु, एक देसी तमंचा जिंदा कारतूस के साथ, लूट की रकम से खरीदी गई एक बाइक। जबकि अभियुक्त नावेद से एक लाख 64 हजार रुपये, 25 सिक्के सफेद धातु, एक जोड़ी पायजेब सफेद धातु और एक देशी तमंचा जिंदा कारतूस के साथ।