जलसंस्थान की लापरवाही के चलते नवीन चकराता के चार गांवों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। क्षेत्र में शुक्रवार से आपूर्ति बंद है। ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर जाकर पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। रविवार को नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी।
तहसील क्षेत्र के ग्राम लांघा पोखरी, पुरोड़ी, रामताल गार्डन और माख्टी पोखरी की आबादी लगभग 2500 है। यहां पेयजल का अघोषित संकट खड़ा हो गया है। पेयजल आपूर्ति के लिए बनी लाइन सिजला खड्ड-पुरोड़ी छटऊ में क्षतिग्रस्त हो गया है। तीन दिन से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पानी की जरूरत पूरा करने के लिए लोगों को एक किलोमीटर की दूरी तय कर हैंडपंप व एक प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
क्षेत्र निवासी सालक राम जोशी, पूर्व प्रधान दिनेश चौहान, स्याणा अर्जुन दत्त जोशी, भाव सिंह रावत, पूरण जोशी, गंभीर चौहान और खजान रावत ने बताया कि पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना जल संस्थान के अधिकारियों को दे दी गई थी, लेकिन अभी तक आपूर्ति को सुचारू नहीं कराया गया है। दीपावली के दिन चारों ओर उत्सव का माहौल था, लेकिन चारों गांव के लोग पानी की जुगत में लगे रहे। अंत में टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ा। विभागीय स्तर से पानी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार तक लाइन को ठीक नहीं किया गया तो ग्रामीण पानी के बर्तन लेकर जलसंस्थान के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे। उधर, जलसंस्थान देहरादून खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सहायक अभियंता और अवर अभियंता को मौके पर जाकर तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दे दिए गए हैं।