जानकारी के मुताबिक घटना टिहरी जिले के प्रतापनगर ब्लॉक की है। जहां आज सुबह करीब साढ़े सात बजे यह हादसा हुआ। मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसडीआर, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
बताया गया कि वाहन में कुल 20 बच्चे सवार थे। तहसीलदार ने बताया कि दो बच्चों की मौत मौके पर ही हो गई थी। मुतक बच्चों में चार-पांच साल उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। सभी बच्चे एंजल्स इंटरनेशनल स्कूल मदननेगी में पढ़ते हैं। चालक का नाम लक्ष्मण रतूड़ी पुत्र प्रेम दत्त रतूड़ी निवासी रिंडोल गांव है।
बाकी बच्चों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। एसओ लंबगाव ने बताया कि घटना में नौ बच्चों की मौत हो गई है और 11 गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को जिला अस्पताल टिहरी लाया जा रहा है।
मृतक:
-ऋषभ उम्र पांच साल
-अयान उम्र चार साल
-आदित्य उम्र आठ साल
-विहान उम्र पांच साल
-ईशान उम्र छह साल
-अभिनव उम्र छह साल
-साहिल उम्र 13 साल
-आदित्य उम्र 10 साल
-वंश उम्र पांच साल
घायलः
- ईशिका
- कृष्णा
- आशीष
- प्रिंस
- ऋषभ
- वेदिका
- अखिलेश
- सिद्धार्थ
- नैतिक
- कान्हा
आज सुबह बदरीनाथ हाईवे पर यात्रियों की बस के ऊपर पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर गिर गया। जिससे सात यात्रियों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक यह हादसा लामबगड़ में आज सुबह नौ बजे हुआ।
एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन की टीम और स्थानीय लोग राहत व बचाव कार्य में लगे हैं। फिलहाल यह पता नहीं लग पाया है कि यात्री कहां के हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अभी छह लोगों को बस से निकाला गया है। आठ लोग बस के अंदर फंसे हुए हैं। यह बस बदरीनाथ से जोशीमठ लौट रही थी। बस में 14 लोग सवार बताए जा रहे हैं। जिसमें से छह घायलों का उपचार चल रहा है।
घायल यात्रियों को पांडुकेश्वर चिकित्सालय लाया गया है। पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने से रेस्क्यू करने में परेशानी आ रही है। कटर से वाहन को काटा जा रहा है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बादल कहर बरपा रहे हैं। मंगलवार तड़के उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण में बादल फटा गया। जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित गांव में आ गया। गैरसैंण तहसील के पत्थरकटा गांव में आज तड़के चाड़ गधेरे (बरसाती नाला) में बादल फटने से चार गोशाला मलबे में दब गई हैं। संपर्क पुलिया व प्राथमिक विद्यालय का किचन तथा फरस्वाण गांव की पेयजल लाइन बह गई है। कुछ आवासीय मकानों में मलबा भर गया है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को दिनभर और मंगलवार रात को भारी बारिश के कारण पत्थरकटा गांव में आज सुबह चार बजे चार गोशाला मलबे में दब गईं। गैरसैंण के रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश पल्लव ने बताया कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और वहां बादल फटा है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।