पिता बोले- ऋषिकेश बेटी को बहुत पसंद था
इस दौरान त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा कि आज हम यहां बेटी की अस्थियों का विसर्जन करने आए हैं। त्विषा का ऋषिकेश और मां गंगा से गहरा लगाव था। वह अक्सर नदी के किनारे घंटों बैठी रहती थी। यह जगह उसके लिए बहुत खास मायने रखती थी। इसलिए, उसकी भावनाओं का सम्मान करते हुए, हमने उसकी अस्थियों का विसर्जन ठीक इसी जगह करने का फैसला किया।
इंसाफ मिलने तक लड़ाई लड़ेंगे
कहा कि यह तो बस शुरुआत है। यह एक बहुत बड़ी लड़ाई है जिसमें बहुत ताकतवर लोग शामिल हैं, और हम अभी सिर्फ इसके शुरुआती दौर में हैं। हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाता। हमें उम्मीद है कि सरकार, जांच एजेंसियां और हमारी न्यायपालिका इस मामले में इंसाफ दिलाएंगे, और इस तरह एक मिसाल कायम करेंगे।