राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने विद्यालयी शिक्षा उपनिदेशक जितेंद्र सक्सेना पर 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति संबंधी जांच की पत्रावलियां उपलब्ध न करवाने पर की गई है।
मामला वर्ष 2011-12 का है। तब पौड़ी के अशासकीय विद्यालयों में 86 अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्तियों में अनियमितता की शिकायत पर इस मामले की जांच की गई। आरटीआई कार्यकर्ता और पौड़ी निवासी मतंग मलासी ने सूचना अधिकार के जरिए जांच के दस्तावेजों मांगे थे।
इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। मतंग मलासी ने 4 फरवरी 2016 को राज्य सूचना आयोग में अपील की। प्रथम अपील में महानिदेशालय ने स्वीकार किया कि जांच रिपोर्ट शासन के पास है, लेकिन इसके दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए। आयोग ने विभाग से सूचना उपलब्ध करवाने को कहा, लेकिन इसके बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई।
राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने द्वितीय अपील में मामला निस्तारित करते हुए महानिदेशालय में तैनात विद्यालयी शिक्षा उपनिदेशक जितेंद्र सक्सेना पर 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। साथ ही कहा है कि यदि वह एक माह में यह राशि राजकोष में जमा नहीं करेंगे तो उनके व्यक्तिगत देयकों से यह धनराशि काट ली जाएगी। आरटीआई कार्यकर्ता मतंग ने कहा है कि आयोग से मामला निस्तारित होने के बाद अब वह हाईकोर्ट में अशासकीय विद्यालयों में हुई 86 नियुक्तियों को लेकर रिट दायर करेंगे।