शव को देख बिलखते रहे परिजन
यहां विदेश मंत्रालय ने मृतक युवक की कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी के कुछ लोग यहां पहुंचे। इसके बाद विजय का शव कंपनी के सदस्यों को सौंप दिया गया। कंपनी की ओर से एंबुलेंस से सोमवार दोपहर बाद 2:00 बजे युवक का शरीर उसके कोटद्वार स्थित पदमपुर सुखरो आवास लाया गया।
युवक का शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिजनों को लोगों ने बमुश्किल संभाला। अंतिम दर्शनों के बाद युवक का अंतिम संस्कार गाड़ीघाट स्थित मुक्तिधाम में किया गया। जहां पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार कोटद्वार विकास अवस्थी समेत बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। युवक के छह वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ और बड़े भाई अरुण गौड़ ने उन्हें मुखाग्नि दी।