पुजारी आशीष मैठाणी, संजय मैठाणी, चंद्रप्रकाश मैठाणी ने विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ भोगमूर्ति को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया। प्रात: साढ़े नौ बजे मुख्य मंदिर एवं हवन कुंड की तीन परिक्रमा के बाद भक्तों को आशीर्वाद देते हुए भगवान तुंगनाथ ने अपने धाम के लिए प्रस्थान किया।
सैकड़ों भक्तों और मक्कू गांव के ग्रामीणों की मौजूदगी में उत्सव डोली गांव के कुछ दूर पोणखी तोक पहुंची, जहां ग्रामीणों ने भगवान को नए अनाज से तैयार किए गए पकवानों का भोग लगाया। डोली को पगड़ी भी पहनाई गई। यहां से डोली अपने धाम के लिए आगे बढ़ते हुए रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंची। मंगलवार को चल विग्रह उत्सव डोली दूसरे पड़ाव चोपता पहुंचेगी। दो मई को डोली धाम पहुंचेगी और इसी दिन शुभ मुहूर्त में आराध्य के कपाट खोल दिए जाएंगे।
इस मौके पर बीकेटीसी के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, सीबी मैठाणी, यूएम मैठाणी, भूपेंद्र मैठाणी, हरिबल्लभ मैठाणी, माहेश्वर प्रसाद, थौर भंडारी, जीतपाल भंडारी, नरेंद्र भंडारी, योगेंद्र, आलम सिंह, उम्मेद नेगी, राकेश, कलम सिंह, जय सिंह चौहान, खुशाल सिंह नेगी, मुकेश शुक्ला आदि मौजूद थे।