आरोप है कि उसने खुद को संस्थान का अधिकृत पदाधिकारी बताते हुए खाते खुलवा लिए थे। इसकी पुष्टि उनकी एक टीम की जांच में हुई है। आरोप है कि संस्थान की मनगढ़ंत ऑडिट रिपोर्ट, पदाधिकारियों, ऑडिटर और सीए के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर से सोसायटी रजिस्ट्रार के यहां आरोपी दीपक की ओर से जमा कराई है।
संस्थान का रोहिणी दिल्ली में फ्लैट था। आरोपी ने इसे बैंक में गिरवी रखकर पैसा ले लिया। आरोप है कि उस फ्लैट को निर्मला पत्नी राजवीर निवासी बहादुरगढ़ हरियाणा को बेचकर खुर्द-बुर्द कर दिया जबकि रजिस्ट्री बैंक में बंधक है। संस्थान उस ऋण को चुकता कर रहा है। आरोप है कि बीस मार्च को दीपक राज, उसकी पत्नी मंजू, दिल्ली का पूर्व कांग्रेसी विधायक सुरेंद्र कुमार, नीलम निवासी देहरादून, पुरुषोत्तम लाल शर्मा निवासी बेरी जिला झज्जर हरियाणा अपने चार अज्ञात साथियों की मदद से महंत रामानंद पुरी को अपने साथ लाए थे।
आरोप है कि अब वह महंत को ब्लैकमेल कर बवाना दिल्ली स्थित आश्रम, भीमेश्वरी मंदिर बेरी हरियाणा, ब्रज घाट गढमुक्तेश्वर पर कब्जा कर खुर्द-बुर्द करने की फिराक में है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पीछे आरोपियों ने बदमाश लगाए हैं, जो लगातार उनका पीछा कर रहे हैं। महंत रविंद्रपुरी ने आशंका जताई कि यह लोग उनकी हत्या करा सकते हैं। इनका मकसद इंस्टीट्यूट और अखाड़े की संपत्तियों पर कब्जा करना है। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।