फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: दारू भले बदनाम...लेकिन  सरकारी खजाने को दो साल से कर ही मदमस्त, विभाग को मिला बड़ा लक्ष्य

Thu, 06 Mar 2025 12:59 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

आबकारी आयुक्त हरि चंद्र सेमवाल ने बताया कि नवीनीकरण की प्रक्रिया लॉटरी व टेंडर के मुकाबले अधिक सफल रही है, जिसकी वजह से पिछले दो सालों से विभाग राजस्व लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है।
 
विज्ञापन
सरकारी खजाना - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दारू भले बदनाम है लेकिन सरकारी खजाने को पिछले दो साल से इस कदर मदमस्त कर रही है कि वित्त विभाग ने आबकारी को राजस्व जमा करने का सबसे बड़ा लक्ष्य दे दिया है। जिसे हासिल करने के लिए आबकारी विभाग ने मौजूदा ठेकों पर ही भरोसा जताया है।

विज्ञापन


नई आबकारी नीति के तहत मौजूदा ठेकों का नवीनीकरण दो साल के लिए किया जा रहा है। आबकारी आयुक्त हरि चंद्र सेमवाल ने बताया कि नवीनीकरण की प्रक्रिया लॉटरी व टेंडर के मुकाबले अधिक सफल रही है, जिसकी वजह से पिछले दो सालों से विभाग राजस्व लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है।

बीते साल (2023-24) में शत प्रतिशत और वर्तमान में बीते साल की तुलना में समान अवधि में 260 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसलिए नवीनीकरण नीति को अपनाया जा रहा है। राज्य में थोक मदिरा दुकानों का आवंटन सिर्फ मूल निवासियों के लिए है और खुदरा में भी मूल निवासियों को ही प्राथमिकता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...PM Modi: प्रधानमंत्री के बेहद करीब है उत्तराखंड, यात्राएं गवाह, ये खास तारीखें जब देवभूमि की मिट्टी से जुड़े
विज्ञापन


इस समय राज्य में कुल 647 दुकानें हैं जो कि उत्तराखंड के लोगों के लिए आरक्षित हैं। जो लाइसेंसधारी नवीनीकरण नहीं कराएंगे उनकी दुकानों के लिए लॉटरी के जरिए करके अन्य लोगों को अवसर दिया जाएगा।



 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें