आज करीब तीन लाख अन्य वाहन भी नहीं चलेंगे। उनका कहना है कि तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता, जीएसटी में छूट, ट्रांसपोर्ट कारोबार पर टीडीएस समाप्त करने, ई वे बिल से जुड़ी व्यावसायिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन करने, बसों और पर्यटक वाहनों को नेशनल परमिट देने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
वहीं हड़ताल के चलते देहरादून में तमाम ट्रक आपरेटर्स ने अपने ट्रकों को ट्रांसपोर्टनगर में खड़ा कर दिया है। ट्रक संचालकों ने बृहस्पतिवार को राज्य के तमाम औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित छह हजार से अधिक फैक्ट्रियों में निर्मित सामानों का भी लदान नहीं किया।
दूसरी ओर ट्रक आपरेटर्स की हड़ताल के मद्देनजर सचिव परिवहन डी सैंथिल पांडियन ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है कि दूध, सब्जी समेत जरूरी सामान से लदे ट्रकों या गाड़ियों को कोई लाना चाहता है तो उसे पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। परिवहन सचिव के आदेश के बाद पुलिस महानिदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों व एसएसपी को भी पत्र जारी कर दिया गया है।