प्रीतम ने इंदिरा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि स्टिंग करने वालों ने कांग्रेस को भी सारे तथ्य मुहैया करवाएं हैं, लेकिन पार्टी उसे जारी नहीं करेगी।
कांग्रेस अब इस मामले को सियासी रंग देकर आगामी लोकसभा के लिए मुद्दा बनाने की तैयारी में दिख रही है। कांग्रेस नेतृत्व के हमलावर रुख पर भाजपा फिलहाल डिफेंसिव है, लेकिन मुख्यमंत्री ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस को सीधी चुनौती देकर त्रिवेंद्र ने अपने दामन को बेदाग साबित करने की कोशिश की है। उधर, त्रिवेंद्र के खुलकर आने से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे पर मजबूत रणनीति के साथ उतरेगी।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार के खिलाफ आए मीटू प्रकरण में भी कांग्रेस ने इसी तरह सक्रियता दिखाई थी। उस समय कांग्रेस नेतृत्व का दावा था कि पीड़ित महिला सबसे पहले उनके पास शिकायत लेकर आई थी। चूंकि इस मामले में पुलिस के पास शिकायत नहीं थी, तो पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अब स्टिंग प्रकरण को लेकर भी पार्टी ने अपना वही स्टैंड रखा है। पार्टी दावा कर रही है कि मुख्यमंत्री और उनके करीबियों का स्टिंग करने वाले चैनल ने उन्हें सीडी मुहैया करवाई है, लेकिन वह जब तक चैनल स्टिंग प्रसारित नहीं करता उसका खुलासा नहीं करेंगे।