उत्तराखंड के सीएम पद की रेस में त्रिवेंद्र के अलावा प्रकाश पंत का भी नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। वैसे तो शुक्रवार को विधानमंडल दल की बैठक में इसका औपचारिक ऐलान होना था, मगर इसके पहले ही हर जुबान पर त्रिवेंद्र का नाम आ गया था।
ऐसे में प्रकाश पंत के नाराज होने की चर्चा होने लगी। इस पर त्रिवेंद्र रावत दोपहर तीन बजे के करीब प्रकाश पंत से मिलने उनके घर पहुंचे। करीब 10 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद त्रिवेंद्र अपनी गाड़ी में पंत को साथ बैठाकर बैठक में ले गए।
बीती 11 मार्च को काउंटिंग के बाद मिले प्रचंड बहुमत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद के लिए अटकलों का बाजार गर्म था। इस सूची में त्रिवेंद्र रावत के अलावा सतपाल महाराज, प्रकाश पंत, अजय भट्ट समेत अन्य प्रमुख नेताओं के नाम लिए जा रहे थे। त्रिवेंद्र को संघ का बैकग्राउंड होने का लाभ मिला। वहीं सतपाल महाराज तीन वर्ष पूर्व ही कांग्रेस से भाजपा में आए थे, इस कारण उन्हें सीएम पद की रेस से बाहर होना पड़ा।
उधर बीसी खंडूड़ी, विजय बहुगुणा और कोश्यारी खेमा प्रकाश पंत को मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ा हुआ था, जबकि आलाकमान की पसंद त्रिवेंद्र थी। इधर, शुक्रवार को हुई विधायक दल की बैठक के पहले ही लगभग यह तय हो गया था कि त्रिवेंद्र ही अगले मुख्यमंत्री होंगे। बैठक में सिर्फ उनके नाम के चयन की औपचारिकता होनी है। कहा जा रहा है कि पंत इस फैसले से नाराज थे।