उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड को विकसित, पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का जो वादा जनता से किया था, उसके परिणाम सामने हैं। पांच वर्षों की तुलना में प्रदेश में इस एक वर्ष की अवधि में अपराध, हत्या, मृत्यु की घटनाओं में कमी आई है। कंपलशिव करप्शन दूर करने के लिए अपराधों की विवेचना एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पुलिस को अलग से विशेष फंड दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक अनुशासन मितव्ययता व सुशासन के बल पर नया उत्तराखंड बनाएंगे। कहा कि पलायन बड़ी समस्या है। इसके लिए गठित पलायन आयोग ने सभी गांवों का सर्वे किया है। उसकी रिपोर्ट 15 अप्रैल को आएगी। स्वास्थ, शिक्षा, सड़क, बिजली, पर्यटन, कृषि, बागवानी, सहकारिता और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित हो, इसके लिए प्रभावी पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं व नगर निकायों को भी खुले में शौच से मुक्ति मिल गई है। इस प्रकार आज उत्तराखंड देश में पूर्ण रूप से ओडीएफ होने वाला पहला राज्य बन गया है।
जनता की समस्याओं का समाधान समय पर हो और सरकार के कार्यों में तेजी व पारदर्शिता दिखाई दे, इसके लिए सीएम डैशबोर्ड, बायोमीट्रिक एंट्री सिस्टम, समाधान पोर्टल, सेवा का अधिकार लगभग सभी जन उपयोगी सेवाओं को जोड़ा गया है। सीएम ने यह भी कहा कि आर्थिक अनुशासन का ही प्रतिफल है कि आज परिवहन विभाग में 28 प्रतिशत आय में वृद्धि हुई है। प्रदेश में किसानों के हित में 2 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, सांसद मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चंद्र खंडू़ड़ी, भगत सिंह कोश्यारी माला राज्य लक्ष्मी शाह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी अपने संबोधन में प्रदेश सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की सराहना की। इसकेे अलावा, कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, सतपाल महाराज, मदन कौशिक, अरविंद पांडेय, सुबोध उनियाल, यशपाल आर्य, राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत और रेखा आर्या के अलावा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी सहित विधायक, जनप्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।