मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए सरकार बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, चकबंदी और रोजगार की योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गांव में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने के लिए साल में 180 दिन की शिक्षा और परीक्षा के 45 दिन के अंदर रिजल्ट को अनिवार्य किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सभी जिला अस्पतालों में दो आईसीयू बनाए जाएंगे। हंस फाउंडेशन के माध्यम से मिले पांच करोड़ रुपये के कॉरपस फंड के ब्याज से इनका मेंटीनेंस किया जाएगा।
वहीं, नगर निगम को लेकर सीएम ने कहा कि नगर निगम हर हाल में बनेंगे। इसका शासनादेश वापस नहीं होगा। मुख्यमंत्री शनिवार को यहां बदरीनाथ मार्ग स्थित मॉडल मांटेसरी स्कूल में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। हम न तो भ्रष्टाचार करेंगे, ना ही होने देंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के कारण जन-जन तक पहुंचने वाला विकास कुछ लोगों की जेब में चला गया। इसी वजह से प्रदेश में विकास अवरुद्ध हुआ है। उन्होंने कहा इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।