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देखें त्रिवेंद्र को सीएम का ताज मिलने पर कैसे जश्न में झूमे समर्थक

Sat, 18 Mar 2017 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : amar ujala
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त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के साथ ही समर्थक खुशी से झूम उठे। डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर संमर्थकों का तांता लग जाने के कारण जाम के हालात बन गए, क्योंक‌ि हर तरफ वाहनों की लंबी कतार थी। देर रात तक यहां शुभ च‌िंतकों के आने का सिलसिला चल रहा था। पुलिस को मौके पर आकर यातायात को निकालना पड़ा।  
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त्रिवेंद्र सिंह रावत के घर के भीतर रिश्तेदार और समर्थक पिछले कई दिनों से जमे हैं। विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी मिलते ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनकी पत्नी सुनीता, बेटी श्रीजा, साली अनीता समेत अन्य रिश्तेदार सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। लोग उन्हें बुके, मिठाई के साथ शुभकामना दे रहे हैं। परिवार की ओर से भी घर आने वाले रिश्तेदारों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराया जा रहा है।

घर पर जमे रिश्तेदार और समर्थक

- फोटो : amar ujala
बाहर भी समर्थकों का जमावड़ा
घर के बाहर भी समर्थकों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। लोग बुके, फूलमालाएं लेकर त्रिवेंद्र रावत का इंतजार कर रहे हैं। समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ ही सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी उनके स्वागत को बेकरार हैं। तमाम कर्मचारी संगठनों से जुड़े नेता भी नए मुख्यमंत्री की अगवानी करना चाहते हैं। वहीं, कुछ समर्थक घर पर कार्यकर्ताओं के लिए रात के खाने का इंतजाम करने में जुटे हैं।

2005 में आए डिफेंस कॉलोनी
मूलत: पौड़ी गढ़वाल के खैरासैंण निवासी त्रिवेंद्र सिंह रावत का परिवार पहले सुमननगर स्थित घर में रहता था। 2005 में उनका परिवार डिफेंस कॉलोनी स्थित मौजूदा घर में शिफ्ट हो गया। यहां आने के बाद त्रिवेंद्र ने राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखे। उन्हें विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पड़ोसी भी खुश हैं।
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पैतृक गांव में भी जश्न का माहौल

- फोटो : amar ujala
वरिष्ठ भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने की खबर आने के बाद से उनके पैतृक गांव खैरासैंण सहित समूचे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। खैरासैंण समेत सतपुली कस्बे में भाजपाइयों ने आतिशबाजी के साथ अपनी खुशी का इजहार किया।

शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे त्रिवेंद्र रावत का पैतृक गांव खैरासैंण, जयहरीखाल ब्लाक की पट्टी मल्ला बदलपुर की ग्रामसभा खैरा के अंतर्गत आता है। सतपुली कस्बे से चार किमी की दूरी पर स्थित खैरासैंण गांव में त्रिवेंद्र रावत के परिजन रहते हैं। प्रताप सिंह रावत और भोदा देवी की नौ संतानों में त्रिवेंद्र सबसे छोटे हैं। 

खैरासैंण प्राइमरी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल पाने के बाद त्रिवेंद्र रावत ने राजकीय इंटर कालेज एकेश्वर से 10वीं और राजकीय इंटर कालेज जयहरीखाल से 12वीं की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद जयहरीखाल डिग्री कालेज से वर्ष 1981 में स्नातक किया। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए। संघ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के साथ ही वे भाजपा संगठन में भी अहम पदों पर रहे।

वर्ष 2007 में राज्य में भाजपा सरकार बनने पर उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया। त्रिवेंद्र के बड़े भाई बृजमोहन रावत गांव के पोस्टमास्टर हैं। वह कहते हैं कि खैरासैंण की पगडंडियों से निकलकर उनका गुड्डू (त्रिवेंद्र रावत का घर का नाम) एक दिन सीएम की कुर्सी तक जा पहुंचेगा, कभी सोचा नहीं था।
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