कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किन्नरों का पंजीकरण करें और यह सुनिश्चित करें कि किन्नर बच्चे को उनके माता पिता से कोई जबरन न ले जा सके और यह सुनिश्चित किया जाय कि उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। किन्नरों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार जागरूकता अभियान भी चलाए।
कोर्ट ने किन्नर रजनी रावत, रानो सहित अन्य को सुरक्षा देने का आदेश दिया। देहरादून निवासी किन्नर रजनी रावत व अन्य की याचिका में कहा गया था कि उनको देहरादून की किन्नर गद्दी विरासत में 1996 से मिली हुई है। कुछ समय से हरियाणा, यूपी के किन्नर उनके नाम से वसूली कर रहे है। इसका विरोध करने पर धमकी दी गयी। याचिकाकर्ता का कहना था कि इसकी शिकायत उन्होंने एसएसपी देहरादून से भी की है।