बताया कि उसके पड़ोस के लोग उसे परेशान करते हैं। वे लोग नहीं चाहते कि उनके क्षेत्र में किन्नर रहे। डॉ. बिष्ट ने कहा कि जब उसने अपनी परेशानी उन्हें बताई तो उन्होंने उसकी हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
अस्पताल की ओर से उसकी सामाजिक सुरक्षा का वादा किया गया है। उन्होंने कहा कि किन्नर प्राचीन हिंदू संस्कृति में विद्यमान है। महाभारत हो या रामायण उनमें भी इनका जिक्र किया गया है।
डॉ. एनएस बिष्ट ने कहा कि किन्नर भी हमारे समाज के अभिन्न अंग हैं। इन्हें प्यार और स्नेह से अपनाया जाए। उसकी मदद के लिए फंड बनाया जाएगा। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलसी पुनेठा ने कहा कि अस्पताल के सभी डॉक्टरों से इस मसले पर बात कर अजय की हर संभव मदद की जाएगी।