धरने पर बैठे प्रशिक्षित बेरोजगार
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सरकारी स्कूलों में शिक्षक के पद पर तैनाती की मांग के लिए पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे प्रशिक्षित बेरोजगारों का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा। बेरोजगारों ने निदेशालय में बैठक के लिए पहुंचे शिक्षा सचिव का घेराव किया। सचिव ने बताया कि शिक्षकों की तैनाती का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
प्रदेश के विभिन्न जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों से शिक्षा निदेशालय में धरने पर बैठे बेरोजगारों ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डायटों के लिए स्टेट स्तर पर उनका चयन हुआ हैै। चयन के बाद वे दो साल की ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। दिसंबर 2019 में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें स्कूलों में अब तक तैनाती नहीं मिली।
जबकि प्रदेश में 2600 से अधिक पद खाली हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी एक सूत्री मांग पर शीघ्र अमल न हुआ तो वे दो मार्च को सचिवालय कूच करने को बाध्य होंगे। घेराव करने वालों में बेरोजगार संघ के अध्यक्ष पवन, अमित मेंदोली, प्रीतपाल सिंह, संदीप, सुरेश, सोनी, आरती, रश्मि, जितेंद्र, पुष्पलता, निर्मला दानू, नीलम, गौरव रावत आदि शामिल रहे।
पुलिस फोर्स पहुंची शिक्षा निदेशालय
शिक्षा निदेशालय में बैठक के बाद शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम जैसे ही निदेशालय से वापस लौटने लगे। प्रशिक्षित बेरोजगारों को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने सचिव की कार को घेर लिया। शिक्षा विभाग के अफसरों को इसकी जानकारी मिली तो मौके पर भारी पुलिस फोर्स मंगा ली गई। लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती शिक्षा सचिव निदेशालय से चले गए थे।