उत्तराखंड में ठिठुरन बढ़ने से ट्रेनों के आवागमन से लेकर बसों के संचालन तक पर असर पड़ गया।
शनिवार को हुए पासपोर्ट मेले में भी अपेक्षाकृत कम लोग पहुंचे। ठंड की वजह से लोग अस्पताल भी कम ही आए। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि ठंड बढ़ने से सर्दी, खासी, जुखाम और निमोनिया आदि बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में ठंड और बारिश से बचने की जरूरत है।
मैदानी क्षेत्रों में धुंध का असर ट्रेनों के आवागमन पर पड़ा है। लाहौरी एक्सप्रेस दो घंटे देरी से 12:15 बजे दून पहुंची। वहीं, हावड़ा एक्सप्रेस पांच घंटे, लिंक एक्सप्रेस एक घंटे, गोरखपुर एक्सप्रेस ढाई घंटे और चेन्नई एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से पहुंची। मुजफ्फरपुर तक जाने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस ढाई घंटे देर से दून स्टेशन से रवाना हो पाई।
बस अड्डों पर कम रही चहलपहल
ठंड की वजह से बस अड्डों पर चहलपहल कम रही। ठिठुरन बढ़ते ही मसूरी बस स्टैंड से सवारियां अचानक गायब हो गईं। अन्य दिनों में यहां से बसों के 35 फेरे लगते हैं, लेकिन शनिवार को 20 फेरे ही लग पाए। आईएसबीटी पर भी बसों में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही।
नगर निगम जलाएगा अलाव
बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर निगम रविवार से शहर में विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाएगा। मुख्य नगर अधिकारी हरक सिंह रावत ने बताया कि निगम अमूमन 16 दिसंबर से अलाव जलाता है। मौसम में बढ़ी ठंड की वजह से रविवार से अलाव जलाने के निर्देश दे दिए गए हैं। अलाव की व्यवस्था कर ली गई है।
डॉक्टरों की सलाह, ठंड से बचें
मौसम में आया बदलाव सेहत पर भारी पड़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस समय खास देखभाल की जरूरत है।
बच्चों में सर्दी, जुखाम, बुखार और छाती में जकड़न का डर रहता है। बच्चों को तीन-चार कपड़े और हाथ-पैर में दास्ताने, मौजे जरूर पहनाएं। आजकल छोटे बच्चों को नहलाने के बजाए सिर्फ गर्म पानी से पोंछ लें। नवजात को मां अपने सीने से लगाकर सोएं। ताकि मां की गर्मी भी नवजात को मिल सके। गर्म पानी, दाल का पानी खूब पीएं।
- डॉ. जेपी देवशाली, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, दून अस्पताल