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मसूरी घूमने का है प्लान, तो दें ध्यान

Sat, 20 Jun 2015 11:36 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मसूरी
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मैदानी क्षेत्रों की तपिश से बचने के लिए मसूरी की सैर पर आने का इरादा है तो कुछ ऐहतियात जरूर बरतें। मसूरी में इन दिनों जाम की समस्या आम है। ऐेसे में समय के साथ-साथ यहां ठहरने के लिए पहले से कमरों की बुकिंग करा लें।
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शनिवार और रविवार को यहां आ रहे हैं तो खास तैयारी के साथ ही आएं। बुकिंग के बिना यहां ठहरने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। कमरे न मिलें तो बैरंग लौटना भी पड़ सकता है। इन दिनों मसूरी में सीजन पीक पर है। आने वाले दो वीकऐंड पर भारी भरकम भीड़ जुटने की संभावना है।

इसकी प्रमुख वजह है कि मैदानी क्षेत्रों में जुलाई के प्रथम सप्ताह से स्कूल-कॉलेज खुल जाएंगे। दिल्ली समेत अनेक महानगरों से पहाड़ों के सैर-सपाटे पर निकलने वाले लोग वीकऐंड ही चुनते हैं। सामान्य दिनों में जिन कमरों का किराया डेढ़ हजार रुपये होता है, उसी कमरे के आपको शनिवार, रविवार को पांच से छह हजार रुपए तक चुकाने पड़ सकते हैं।
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ये बरतें ऐहतियात
- मसूरी आ रहे हैं तो कोशिश यह करें कि सुबह जितना जल्दी हो सके, यहां प्रवेश कर लें। 9-10 बजे के बाद यहां आने वालों को जाम का सामना करना पड़ सकता है।
- मसूरी में ठहरने का प्लान है, तो पहले से होटलों, लॉज आदि में कमरों की बुकिंग करा लें। ऐसा नहीं करने पर कमरे नहीं भी मिल सकते हैं। या फिर ज्यादा दाम चुकाकर ही आप यहां ठहर पाएंगे।
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- कोशिश यह करें कि शनिवार, रविवार का दिन मसूरी घूमने के न चुनें। इन दिनों बहुत भीड़ होती है।
- गेस्ट हाउस, होटल व्यवसायी कमरों के मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इसके प्रति सचेत रहें।
- दोपहर के वक्त कैंपटीफॉल न जाएं। इस वक्त यहां बहुत भीड़ रहती है, जाम भी रहता है।
- मसूरी में कमरे न मिलें तो धनोल्टी में कमरे तलाशे जा सकते हैं।
- भीड़ से बचना हो तो धनोल्टी से आगे काणाताल, चंबा और नई टिहरी भी दर्शनीय पर्यटक स्थल हैं।
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