राजधानी देहरादून में शुक्रवार को पूरे दिन बादल छाए रहने के बाद देर रात झमाझम बारिश हो गई। जिससे शनिवार की सुबह मौसम सुहावना हो गई। देर रात काफी देर हुई बारिश से गर्मी और उमस छू मंतर हो गई। अंधड़ चलने से दून में कई इलाकों में रात से ही बिजली गुल रही।
मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा का कहना है कि शनिवार को आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं पर गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कहीं-कहीं पर खासकर चंपावत और पिथौरागढ़ में तेज बारिश हो सकती है। दून में अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 25 डिग्री रह सकता है।
उधर, चमोली में शनिवार तड़के बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडक भरा हो गया। लामबगड़ में भी काफी तेज बारिश होने की सूचना है। हरिद्वार में भी शुक्रवार देर रात से बारिश जारी रही, जिस कारण सुबह तक कई इलाकों में बिजली गुल रही।
मूसलाधार बारिश ने डराया
रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के कई हिस्सों में गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को डरा दिया। चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्र पीपलकोटी, जोशीमठ, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर और घाट क्षेत्र में अनहोनी की आशंका से लोग घरों से बाहर निकल आए।
रुद्रप्रयाग जिले की तुंगनाथ घाटी में लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई। उत्तरकाशी जिले में भागीरथी का जल स्तर बढ़ने की आशंका में जल विद्युत निगम ने नगर में मुनादी से लोगों को नदी तट पर न जाने की सलाह दी। ग्रामीण सुमित सेमवाल, जय किशन नौटियाल, सतीश मैठाणी व विजयपाल ने बताया कि तेज बारिश से उपजे हालात के बाद से आपदा का डर फिर मन में घर करने लगा है।
तुंगनाथ घाटी के करोखी, रौडू, दिलमी, सारी, दैड़ा, उषाड़ा आदि गांवों में भी बारिश से लोग घरों से बाहर निकल आए थे। अगस्त्यमुनि में भी तेज बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी। यहां विजयनगर में मंदाकिनी नदी पर बने वैकल्पिक पुल के दोनों तरफ से नदी का पानी बहने लगा है। बारिश से तुंगनाथ एवं केदारनाथ घाटी के कई गांव प्रभावित हुए हैं। दिलमी और मक्कू गांव में पेयजल लाइनों और खेतों को खासा नुकसान पहुंचा है।