वीकेंड पर मसूरी में पर्यटकों की भीड़ उमड़ी। माल रोड समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर पूरे दिन चहल-पहल रही। पर्यटकों के दबाव से शहर और देहरादून-मसूरी मार्ग पर जगह-जगह यातायात जाम लगा। इससे काफी देर तक स्थानीय लोग और पर्यटक जाम में फंसे रहे। पुलिस को जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
माल रोड, कंपनी बाग, जार्ज एवरेस्ट, गनहिल और लालटिब्बा क्षेत्र में पर्यटकों की काफी चहल-पहल रही। इससे कैंपटी रोड, जीरो प्वाइंट, सांझा दरबार क्षेत्र में सुबह से ही जाम लगा रहा। गांधी चौक से लेकर किंग्रेग के बीच भी पर्यटकों के वाहन दिनभर बार-बार जाम में फंसे। लाइब्रेरी से कैंपटी रोड और सांझा दरबार के बीच कई बार लंबा जाम लगा। कैंपटी फॉल जाने वाले पर्यटकों के अलावा चारधाम के तीर्थयात्री भी परेशान रहे। स्थानीय निवासी रामी टम्टा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग जीरो प्वाइंट से लेकर सांझा दरबार के बीच काफी लंबा जाम लगा।
मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि वीकेंड पर 70 फीसदी होटल सैलानियों से पैक रहे। शहर कोतवाल अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि यातायात संचालन के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों के अलावा पीएसी और होमगार्ड को लगाया गया था। ड्रोन से यातायात की निगरानी की जा रही थी। वाहनों का दबाव अधिक होने से वाहनों की गति धीमी रही। जिससे पर्यटक परेशान रहे।
पर्यटन सीजन में भी ठीक नहीं हुई सड़कों की हालत
पर्यटन सीजन में भी सड़कों की हालत ठीक नहीं हो सकी है। इससे पर्यटक काफी परेशान हो रहे हैं। भगत सिंह चौक के निकट सड़क पर गड्ढे बने हैं। वाहनों की गति धीमी होने से जाम लगता है। कैमल बैक रोड सीवर लाइन डालने के लिए तोड़ी गई है। सड़क पर कई जगह मलबा पड़ा है। हरनाम सिंह मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। हैप्पीवैली मार्ग पर रेलिंग टूटी है। जीरो प्वाइंट से लेकर लाइब्रेरी चौक तक सड़क पर टाइल्स लगाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इससे धूल-मिट्टी उड़ रही है। स्थानीय निवासी भरत सिंह पंवार ने बताया कि भगत सिंह चौक के निकट सड़क टूटी होने से लोग अक्सर चोटिल हो रहे हैं। एनएच के सहायक अभियंता मनोज राठौड़ ने बताया कि पर्यटन सीजन को देखते हुए टाइल्स लगाने का कार्य रात के 12 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक हो रहा है। 20 जून तक कार्य पूरा हो जाएगा। नगर पालिका ईओ राजेश नैथानी ने बताया कि कैमल बैक रोड को पेयजल निगम ने सीवर लाइन डालने के लिए तोड़ा है। जिसे ठीक करने की जिम्मेदारी उनकी है।