खूबसूरती के भरपूर देवाल ब्लाक के ब्रह्मताल, भींकलताल के साथ-साथ खामियाल टॉप की बर्फबारी का दीदार अब पर्यटक कर सकेंगे।
स्थानीय युवकों ने सर्दियों में बुग्यालों की ओर आने वाले पर्यटकों को ब्रह्मताल ट्रैक रूट पर घुमाने का निर्णय लिया है। अब तक स्थानीय युवा दिल्ली और बंगलूरू की दो टीमों को इस ट्रैक रूट से हिमचोटियों का दीदार करवा चुके हैं। पर्यटकों के आने से ब्रह्मताल ट्रैक भी विकसित हो सकेगा।
ब्लाक का लोहाजंग बुग्यालों और पर्यटक स्थलों के प्रवेश का मुख्य द्वार है। यहां से रूपकुंड, वेदनी, आली, बगुवासा, होमकुंड सहित कई ऊंचाई वाले पर्यटक स्थलों के लिए पर्यटक आते हैं, लेकिन सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण सितंबर माह से पर्यटकों का आना बंद हो जाता है।
इस बार पर्यटन से जुड़े गाइड तथा स्वयं संस्थाओं ने नया ट्रैक रूट लोहाजंग-भींकलताल-ब्रहमताल-वाण से फिर वापस लोहाजंग तक बनाया है। इसे तय करने में पांच दिन का समय लगता है। हिमालयन हैवन के भुवन बिष्ट ने बताया कि पर्यटन के स्वरोजगार से यहां 78 युवा जुड़े हैं, जो देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों को विभिन्न पर्यटक स्थलों की सैर करवाते हैं।
पहले सर्दियों में तीन-चार माह तक पर्यटक नहीं पहुंचते थे, लेकिन अब ब्रह्मताल, भींकलताल वाले ट्रैक रूट से 12 माह पर्यटक पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में इस ट्रैक रूट से 50 बंगलूरू, बंगाल और दिल्ली के 50 से अधिक पर्यटकों को ट्रैकिंग करा चुके हैं।
ऐसे पहुंचे ब्रह्मताल और भींकलताल
देवाल। ट्रैक रूट का पहला पड़ाव लोहाजंग रखा गया है। लोहाजंग से आठ किमी दूर दूसरा पड़ाव भींकलताल है। बांज और भोजपत्र के जंगलों के घिरे इस ताल की सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। रूट का तीसरा पड़ाव सात किमी दूर ब्रह्मताल है, जबकि ब्रह्मताल से 11 किमी दूर वाण गांव है।
लोहाजंग-भींकलताल-ब्रह्मताल ट्रैक रूट को वन विभाग की ओर से समय-समय पर ठीक किया जाता है। यहां के सुंदरीकरण के लिए शासन को कार्ययोजना भेजी गई है, जिससे पर्यटकों को सुविधाएं मिल सकें।
- टीएस बिष्ट, रेंजर वन विभाग, देवाल