पछवादून और जौनसार-बावर क्षेत्र में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को अभी से कड़ाके की सर्दी का अहसास होने लगा है। वहीं, चकराता के कैलाना छावनी क्षेत्र में बारिश के चलते सड़क किनारे बनी एक सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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शनिवार सुबह करीब आठ बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार रात तक लगातार जारी रहा। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश के कारण विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई समेत जौनसार-बावर के कालसी, साहिया, चकराता व त्यूणी में लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए।
पहाड़ी क्षेत्रों के बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। रविवार का अवकाश होने के कारण नौकरीपेशा लोगों ने तो घरों में राहत की सांस ली, लेकिन खेती-किसानी और दिहाड़ी मजदूरी करने वालों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। इस बारिश से मैदानी क्षेत्रों में जहां गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
कैलाना में पुश्ता ढहने से सहमे ग्रामीण
लगातार बारिश के चलते रविवार को चकराता छावनी क्षेत्र के कैलाना के पास सड़क किनारे बनी एक सुरक्षा दीवार (पुश्ता) अचानक ढह गई। दीवार का मलबा सड़क पर फैलने से वाहन सवारों और राहगीरों की आवाजाही बाधित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश से मिट्टी दरकने लगी है, जिससे संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन और पुश्ते ढहने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।