खाने के जायके में अहम रोल अदा करने वाले टमाटर के आसमान छूते दामों ने जहां एक तरफ खाने का जायका बिगाड़ कर रख दिया है, वही गृहणियों की रसोई का बजट भी गड़बड़ कर दिया है। टमाटर की महंगाई का आलम यह है कि जहां बाजार में अनार 60 रुपये किलो बिक रहा है वहीं सीजन में 10 रुपये प्रति किलो से भी कम दाम बिकने वाला टमाटर बुधवार को फुटकर बाजार में सौ रुपये प्रति किलो की दर से बिका।
जिस किसी ने भी सब्जी की दुकानों पर टमाटर का दाम पूछा तो मुंह बनाकर चलता बना। बीचोबीच शहर में स्थित मोतीबाजार की सब्जी मंडी हो या कांवली रोड की सब्जी मंडी, कही पर भी टमाटर सौ से कम नही था। गली कूंचों में ढेली पर सब्जी बेचने वालों ने तो सारी हदें पार कर दी।
ठेली वालों ने एक किलो टमाटर का दाम 120 रुपये बताकर सब्जी खरीदने पहुंची महिलाओं ेक मुंह पर तो ताला ही जड़ दिया। ऐसे में दुकानों पर सब्जी खरीदारी करने पहुंचे लोगों ने किलो की जगह पांव भर टमाटर खरीदने में ही भलाई समझी। जबकि तमाम ऐसे ग्राहक भी रहे जो टमाटर की जगह अन्य सब्जियों को लेने में ही भलाई समझी।
डीएम ने कहा, कराएंगे जांच
tomato
सवाल उठता है कि आखिरकार खाने के जायके में सबसे अहम किरदार निभाने वाले टमाटर में आग क्यों लगी है? मंडी समिति की आढ़तियों की मानें तो महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से टमाटर की आवक शून्य होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई।
निरंजनपुर स्थित नवीन मंडी में टमाटर के सबसे बड़े आढ़ती योगेंद्र सिंह पुंडीर के मुताबिक पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से टमाटर की आवक लगभग शून्य होने से स्थिति खराब हुई है। इन राज्यों में बारिश होने से टमाटर की फसल खराब हो गई है ऐसे में उत्तराखंड में टमाटर की आपूर्ति करने वाले ये राज्य अपने अपने राज्यों को ही पर्याप्त आपूर्ति नही कर पा रहे हैं।
बकौल आढ़ती योेंगेद्र पुंडीर वर्तमान में मंडी में उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों और हिमाचल प्रदेश से प्रतिदिन औसतन 10000 किलो टमाटर की आपूर्ति हो रही है जो मांग के अनुरूप पर्याप्त नही है।
डीएम ने कहा, कराएंगे जांच
दूसरी ओर टमाटर के आसमान छूते दामों ेक बीच डीएम मुरुगेशन का कहना है कि वे भी इसकी जांच कराएंगे कि आखिरकार टमाटर इतना मंहगा कैसे हो गया है? डीएम का कहना है कि इस बात की जानकारी जुटायी जाएगी कि टमाटर के दामों में इतनी बढ़ोत्तरी की क्या वजहें हैं? डीएम का कहना है कि यदि कही कुछ गड़बड़ पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टमाटर की जगह खाएं करेला, भिंडी, बंदगोभी, बैगन
फुटकर सब्जी विक्रेताओं, ठेली वालों की मनमानी
निरंजनपुर मंडी के आढ़तियों की मानें तो वे 2500 से लेकर 4000 रुपये प्रति कुंतल की दर से टमाटर बेच रहे हैं। यानी फुटकर सब्जी विक्रेताओं को मंडी में टमाटर 25 से लेकर 40 रुपये किलो की दर से मिल रहा है। लेकिन मंडी से बाहर निकालते ही टमाटर के दाम अप्रत्याशित ढंग से 80 से लेकर 100 रुपये प्रति किलो पहुंच रहा है। मंडी से बाहर आते ही टमाटर के दामों में 60 रुपये की बढ़ोत्तरी वाकई में चौंकाने वाली बात है। सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजहेें है कि टमाटर इतना मंहगा हो गया है। आढ़तियाें का कहना है कि टमाटर की आवक कम है लेकिन इतनी भी कम नही है कि दाम सौ का आंकड़ा पार कर जाएं।
आढ़तियों ने मंडी में ही लगवायी फुटकर दुकानें
टमाटर के आसमान छूते दामों के बीच कुछ बड़े आढ़तियों ने मंडी परिसर में ही फुटकर दुकानें लगवा दी है जहंा टमाटर से 50 से लेकर 60 रुपये बिक रहा है। कई शहरी इन दुकानों पर पहुंचकर टमाटर की खरीदारी कर रहे हैं। मंडी पहुंची निर्मला, रमेश सेमवाल, संजय सैनी, ओमकार रावत ने बताया कि फुटकर बाजार में सब्जी बेहद मंहगी होने की वजह से वे सीधे मंडी आ गए। जहां सस्ते दामों में सब्जी मिल रही है।
टमाटर की जगह खाएं करेला, भिंडी, बंदगोभी, बैगन
यदि टमाटर की महंगाई ने स्वाद का जायजा बिगाडृकर रख दिया तो चिंता की जरूरत नही है। बाजार में भिंडी, करेला, बंदगोभी जैसे कुछ ऐसी सब्जियां हैं जो थोड़ा सस्ती बिक रही है। आंकड़ों पर नजर डाले तो फुटकर बाजार में भिंडी 30 रुपये, बंदगोभी 20 रुपये, और करेला 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।