रुद्रप्रयाग जिले में कोरोना का संक्रमण फिर से बढ़ने लगा है। मंगलवार को जीआईसी ऊखीमठ के सात बच्चों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। सभी को आइसोलेशन में रखा गया है। साथ ही विभाग द्वारा सैंपलिंग भी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीते दस दिनों से प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक सैंपलिंग की जा रही हैं। बीते मंगलवार को जिले में अलग-अलग स्थानों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 117 सैंपल लिए गए थे, जिसमें जीआईसी ऊखीमठ के सात स्कूली बच्चों को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बच्चों को हल्का जुखाम था। जिसके बाद सैंपलिंग में इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरी तरफ रिपोर्ट आने के बाद विद्यालय में पंजीकृत सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षण व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सैपलिंग की गई है, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य विष्णु प्रसाद किमोठी ने बताया कि संक्रमित छात्र-छात्राओं को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विंधेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बीते एक सप्ताह में जनपद में कोरोना के 14 नए मामले आ चुके हैं। उन्होंने लोगों से भीड़ वाली जगहों पर न जाने और घर से बाहर निकलने पर मास्क का अनिवार्य प्रयोग करने की अपील की है। बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों को अगस्त्यमुनि में बनाए गए कोविड-19 सेंटर में भर्ती किया जाएगा। साथ ही माधवाश्रम अस्पताल कोटेश्वर में भी पुन: छह बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर समेत 10 संतों ने अपनी कोरोना जांच कराकर सुरक्षित कुंभ का संदेश दिया है। अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कुंभ स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओें से मास्क पहनने और शारीरिक दूूरी का पालन करने की अपील की है।
कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक के साथ हरिद्वार में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने फ्रंटलाइन वर्करों के साथ मठ, मंदिरों और अखाड़ों की छावनियों में साधु संतों की कोरोना जांच शुरू कर दी है।
कोविड नियमों का पालन रते हुए किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी समेत 10 संतों ने अपना कोरोना टेस्ट करवाया। सभी संतों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। दिल्ली में टेस्ट करवाने के बाद आचार्य महामंडलेश्वर समेत सभी संत हरिद्वार पहुंच गए हैं। आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने सभी श्रद्धालुओं से कोविड गाइडलाइन के पालन की अपील की है।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बागेश्वर के जिलाधिकारी विनीत कुमार ने जिले में बाहर से आने वाले लोगों की अनिवार्य रूप से कोरोना जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बिलौना और कौसानी में बनाए गए स्टेजिंग एरिया को दोबारा संचालित कर यहां बाहर से आने वाले लोगों की शत प्रतिशत कोरोना जांच करने के निर्देश डीएम ने दिए हैं। साथ ही उनका डाटा तैयार करने के लिए भी कहा है। जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। ऐसे में कोरोना से बचने के लिए बाहर से आने वाले लोगों की कोरोना जांच करना आवश्यक है।
कोरोना को लेकर बागेश्वर डीएम के निर्देश
-पूर्व में गठित समितियों को जो दायित्व और जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसी के आधार पर सभी अधिकारी स्टेजिंग एरिया में कार्य करें।
-ग्राम पंचायत में गठित निगरानी समिति को भी सक्रिय किया जाए।
-उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीडी जोशी को होली के मौके पर जिले में बाहर से आने वाले सभी लोगों की सैपलिंग करने के निर्देश दिए हैं।
- कोरोना लक्षण वाले व्यक्ति की सूचना स्वास्थ्य केंद्र और कंट्रोल रूम को दें।
- बाहर से आने वाले वाहन चालकों की भी अनिवार्य रूप से सैंपलिंग कराएं।
- बिलौना बस अड्डे और कौसानी में सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी तैनात करें।