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उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को मिले 1233 नए संक्रमित, तीन मरीजों की हुई मौत

Sat, 10 Apr 2021 07:59 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में अब तक 107479 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 97644 मरीज ठीक हो चुके हैं। 
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एक्टिव केस की संख्या 6241 - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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विस्तार
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उत्तराखंड में शनिवार को 24 घंटे के भीतर 1233 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। वहीं, एक्टिव केस की संख्या 6241 पहुंच गई है। प्रदेश में अब तक 107479 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 97644 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

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यह भी पढ़ें... उत्तराखंड: कोरोना संक्रमित मृतकों को अपने पैतृक स्थान ले जा सकेंगे परिजन, जिले के डीएम से लेनी होगी अनुमति 

वहीं, प्रदेश में अब तक 1752 कोरोना संक्रमित मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा मामले मिल रहे हैं।
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देहरादून जिले में एक हजार पहुंचा कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा 

देहरादून जिले में कोरोना संक्रमण के प्रसार के साथ ही संक्रमित मरीजों की मौत का सिलसिला एक बार फिर से बढ़ने लगा है। शनिवार को भी जहां देहरादून जिले में 589 लोगों की कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है।
इस तरह से जिले में अब तक कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 34122 पहुंच चुकी है।

जबकि 30115 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में इस शनिवार तक कोरोना संक्रमण के 2568 सक्रिय मरीज थे। जबकि, शनिवार को जिले में विभिन्न अस्पतालों में कोरोना संक्रमित तीन मरीजों की मौत हुई है। जिससे जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा एक हजार पहुंच चुका है।

शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार शाम तक लगभग 150 मरीज भर्ती थे। इसी तरह, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए 26 से अधिक कंटेनटमेंट जोन बनाकर प्रभावित क्षेत्रों को लॉकडाउन किया गया है।

जिला प्रशासन के साथ ही विशेषज्ञ डाक्टर भी लगतार लोगों से ठीक से मास्क पहनने, आपस में दो गज की दूरी रखने, हाथों को धोने या सेनेटाइजेशन करने और भीड़भाड़ में जाने से बचने जेसे कोरोना के प्रसार को रोकने के नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

छावनी नगर लैंसडौन में मुख्य अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक कोरोना संक्रमित

छावनी नगर लैंसडौन में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। छावनी परिषद के सफाई निरीक्षक दीपक मिश्रा रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आए, जबकि मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) शिल्पा ग्वाल की आरटीपीसीआर सैंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई।

स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अधिकारियों को होम आइसोलेट कर उनका उपचार शुरू कर दिया है। संक्रमितों के सीधे संपर्क में आए 25 कर्मचारियों का आरटीपीसीआर सैंपल जांच के लिए भेज दिया है।

दोनों लोग हाल ही में बाहर से लौटे थे

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जयहरीखाल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पुंकेश पांडे ने बताया कि दोनों लोग हाल ही में बाहर से लौटे थे। लैंसडौन आने के बाद गुरुवार को मुख्य अधिशासी अधिकारी शिल्पा ग्वाल में कोरोना के लक्षण होने के कारण पहले उनका रैपिड एंटिजन टेस्ट किया गया, जिसमें वह कोरोना निगेटिव आईं।

इसके बाद उनका आरटीपीसीआर सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जहां से शनिवार को आई रिपोर्ट में वह कोरोना संक्रमित मिलीं। छावनी अस्पताल की चिकित्सक डॉ. मनीषा अग्रवाल ने बताया कि छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक दोनों ने स्वयं को होम आइसोलेट कर दिया है। 

गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

मसूरी एसडीएम मनीष कुमार के निर्देश पर प्रशासन की टीम के साथ नगर पालिका व पुलिस ने रेस्टोरेंट में कोरोना गाइडलाइन के पालन को लेकर अभियान चलाया। टीम ने डेढ़ दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट संचालकों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

प्रदेश में 11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव

कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए सभी जिलाधिकारियों को चाकचौबंद रहने के लिए कहा गया है। सरकार ने इसके लिए टीकाकरण पर जोर दिया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री के आह्वान पर 11 से 14 अप्रैल तक प्रदेश में टीका उत्सव मनाया जाएगा। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने जिलाधिकारियों को कंटेनमेंट जोन में शत प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के जन जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है।

शनिवार को मुख्य सचिव ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम की तैयारी को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश में प्रोएक्टिव होकर काम करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी अपनी तैयारियां चाक चौबंद रखें। सभी जिलों में टेस्टिंग बढ़ाई जाए। साथ ही, कंटेनमेंट जोन की 100 प्रतिशत टेस्टिंग हो। होटल, रेस्टोरेंट सहित भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन सुनिश्चित किया जाए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 को रोकने के लिए सबसे प्रभावी उपाय कोरोना के प्रति जागरूकता है। अधिक से अधिक जन-जागरूकता फैलाकर इसके संक्रमण को रोका जा सकता है। गणमान्य लोगों को आमजन को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाए। इस अवसर पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव श्री विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक सूचना श्री रणवीर सिंह चौहान सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

कुंभ क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग पर जोर

बैठक में तय हुआ कि कुंभ क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग कराई जाए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों की समीक्षा पर जोर दिया गया ताकि मौत के सही कारण का पता लगाया जा सके। मुख्य सचिव ने इसके लिए सीनियर ऑफिसर तैनात करने को कहा।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं

सचिव अमित नेगी ने कहा कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। पर्यटक स्थलों में वालंटियर्स और पीआरडी जवानों ने शालीनता के साथ मास्क वितरण और प्रदेशवासियों में मास्क पहनने को लेकर जागरूकता में देश में अच्छा संदेश गया था। सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि कोरोना के अगले पीक को देखते हुए  समय रहते प्रयास करने होंगे।  उन्होंने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर अधिक फोकस करते हुए सभी के टेस्ट कराए जाने पर जोर दिया।
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हरिद्वार में अखाड़ों में बढ़ा कोरोना का खतरा, छह संत पॉजिटिव

कोविड की दूसरी लहर के बीच अखाड़ों में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी है। सबसे बड़े संन्यासी अखाड़े श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के तीन-तीन संत कोविड संक्रमित मिले हैं। इससे अखाड़ों में अब संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित संतों के संपर्क में आए सभी सभी संतों के चिन्हीकरण शुरू कर दिया है।

सभी संतों को आइसोलेट होने की सलाह के साथ कोविड जांच कराने के लिए कहा गया है। हरिद्वार में शाही स्नान की तैयारियों के साथ कोविड का खतरा भी बढ़ रहा है। जिले में शनिवार को 217 लोग संक्रमित मिले। राज्यसीमा पर 19 कोविड संक्रमित मिले, जिनको लौटा दिया गया। सहायक निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व और रेंजर विजय कुमार सैनी संक्रमित पाए गए है।

एक निजी स्कूल की तीन शिक्षिकाएं भी कोविड संक्रमण की चपेट में आई हैं। शिवालिक नगर में 12, पतंजलि योगपीठ में पांच, आदर्श नगर रुडकी में पांच और मायापुर में चार लोग संक्रमित मिले हैं। राज्यसीमा पर 10 हजार लोगों की कोविड जांच की गई।

वहीं 17644 लोगों के आरटी-पीसीआर जांच के लिए स्वैब सैंपल लिए गए हैं। जनपद में अब कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़कर 729 हो गई है। वहीं 44 लोग कोरोना को मात देकर स्वास्थ्य हुए हैं। वहीं राज्यसीमा से बिना पंजीकरण के आए 4500 वाहन को लौटाया गया है। 

गढ़वाल विवि की महिला सफाई कर्मी कोरोना संक्रमित

गढ़वाल विवि श्रीनगर में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी के कोरोना संक्रमित मिलने पर कुलपति सचिवालय, प्रशासनिक भवन एवं पर्यटन विभाग को 12 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। ऐतिहातन प्रशासनिक भवन के पीछे स्थित आवासीय परिसर को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विवि ने पूर्व में खोली गई प्रयोगशालाएं भी बंद कर दी है। 

उप जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ कोरोना संक्रमित

कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। श्रीनगर में राजकीय उप जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ और राजकीय मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग के लैब तकनीशियन सहित सात लोग संक्रमित हो गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल मेें 10 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।
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