कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए अब वैक्सीन लगवाने के लिए बुजुर्गों की बारी आ गई है। तीसरे चरण में 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और 45 से 59 आयु के किसी बीमारी से ग्रसित लोगों कोरोना वैक्सीन लगवाई जाएगी। प्रदेश में एक मार्च से कुछ बूथों पर ट्रायल के तौर पर तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। चार मार्च को प्रदेश भर में तीसरे चरण के लिए टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इसके बाद सात मार्च से सभी चयनित बूथों पर वैक्सीन लगाई जाएगी।
प्रदेश में कोविड वैक्सीन न लगवाने के लिए हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर अब कोई बहाना या आनाकानी नहीं कर पाएंगे। वैक्सीन न लगवाने के लिए मेडिकल बोर्ड से कारणों की रिपोर्ट लेनी होगी।
बोर्ड बताएगा कि वैक्सीन लगवाई जा सकती है या नहीं। वहीं, प्रदेश में अब तक 20 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण पूरा हो गया है। 78 प्रतिशत स्वास्थ्य व फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है।
कुंभ मेला ड्यूटी में तैनात सभी स्वास्थ्य व अन्य कर्मचारियों को शत प्रतिशत कोविड वैक्सीन लगाई जानी है, लेकिन कई कर्मचारी वैक्सीन लगवाने के लिए आनाकानी कर रहे हैं, वे कई तरह की बीमारियों का बहाना बना रहे हैं। अब मेडिकल बोर्ड से वैक्सीन न लगवाने की रिपोर्ट लेनी होगी।
बोर्ड की ओर से यह बताया जाएगा कि किन कारणों से वैक्सीन नहीं लगवाई जा सकती है। उधर, प्रदेश में कुल 189854 स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों में से 147800 को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इनमें से दो हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को 28 दिन के बाद दूसरी डोज भी लग चुकी है।