चिपको अभियान के नेता और पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग और पारिस्थितकीय संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। भारत समेत कई विकासशील देश इसकी जद में है। पर्यावरण संरक्षण को हिमालय की सुरक्षा से देखा जाना चाहिए। हिमालय बचेगा तो देश बचेगा।
उन्होंने चेताया कि हिमालय में लगातार हो रही मानवीय दखल से आपदाएं आना स्वाभाविक है। इसके लिए सरकारों को तैयार रहना होगा। भट्ट आईटीबीपी अकादमी में बृहस्पतिवार को आयोजित पौधरोपण और निदेशक नागेंद्र सिंह के सेवानिवृत्त कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
पहले हिमालय को समझना होगा
इस दौरान चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि आईटीबीपी और हिमालय का करीबी का रिश्ता है। हिमालय की रक्षा के लिए हिमवीर हमेशा तत्पर रहते हैं। इसीलिए वे आईटीबीपी की ओर से आयोजित हर कार्यक्रम मे शिरकत करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से पहले हिमालय को समझना होगा। इस अवसर पर भट्ट ने आईटीबीपी के कांबेंट विंग में पौधरोपण किया। मौके पर उपनिदेशक दविंदर सिंह, सेनानी प्रशासन मनीष कुमार, सेनानी प्रशिक्षण शैंदिल कुमार मौजूद थे।
आईटीबीपी अकादमी के निदेश सेवानिवृत्त
आईटीबीपी अकादमी के निदेशक नागेंद्र सिंह बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त हो गए। श्री सिंह वर्ष 1980 में बतौर राजपत्रित अधिकारी बल में शामिल हुए थे। 36 वर्ष की सेवा के उपरांत वह सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति पर अकादमी में भव्य परेड का आयोजन किया गया। सहायक सेनानी कमांडर हेमंत कुमार ने सलामी परेड का नेतृत्व किया और सलामी दी। इसके बाद उनकी सेवानिवृत्ति पर वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Published By: Vivek Singh