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आपदा से उबरना अभी भी मुश्किल है...

Tue, 17 Dec 2013 03:07 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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मसूरी में विंटर कार्निवाल के लिए होटल तैयार हो चुके हैं। साथ ही नए साल का जश्न मनाने के लिए भी जबरदस्त बुकिंग हुई है।
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बाहरी पर्यटक भी बड़ी संख्या में शामिल
इनमें स्थानीय के साथ बाहरी पर्यटक भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। आने वाले सीजन से बेहतर उम्मीद के बावजूद आपदा के झटके से उबरने में अभी इस इंडस्ट्री को वक्त लगेगा। छह माह अलबत्ता बीत चुके हैं, लेकिन जख्म इतने गहरे हैं कि आसानी से भरने वाले नहीं।

बीते 16 जून को आई आपदा ने बेशक मसूरी, नैनीताल जैसे टूरिस्ट स्पाट्स को नहीं छुआ, लेकिन यहां से पर्यटकों ने कन्नी काट ली। इस इंडस्ट्री ने बड़ा नुकसान झेला।
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500 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड (आईएयू) ने प्रदेश भर में होटल, रेस्टोरेंट्स को तकरीबन 500 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान का आंकलन किया था। हालात को देखते हुए बीती 17 सितंबर से होटल, रेस्टोरेंट्स को सर्विस टैक्स में भी छूट का प्रावधान किया गया, लेकिन इसका बहुत फायदा उन्हें नहीं हो रहा।

कारोबारियों का साफ कहना है कि स्पेशल पैकेज, सर्विस टैक्स छूट में बढ़ोत्तरी की समयावधि ही इंडस्ट्री को राहत पहुंचा सकती है।
 
सीजन की भरपाई 10-15 दिन में कैसे हो
होटल इंडस्ट्री के लिए सीजन के तीन-चार महीने सर्वाधिक महत्वपूर्ण होते हैं। यह सारा सीजन आपदा की भेंट चढ़ गया। इस सीजन की भरपाई आसान नहीं है। कम-से-कम 10-15 दिन में तो नहीं।
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- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

सर्विस टैक्स छूट चाहिए दो साल और
सर्विस टैक्स में छूट केवल वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक है। यानी 31 मार्च, 2014 तक। सीजन, जबकि मई, जून में रहता है। इससे सीजन में होटल इंडस्ट्री को इस छूट से महरूम होना होगा। सर्विस टैक्स में छूट अगर कम-से-कम दो साल और रहती तो इंडस्ट्री का भला होता।
- संदीप साहनी, अध्यक्ष, उत्तराखंड होटलियर्स एसोसिएशन
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