चुनाव जीतने के बाद ममता राकेश ने कहा कि भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र का विकास, बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना, दिवंगत पति के सपनों को पूरा करना ही उनका उद्देश्य रहेगा। उन्होंने जीत का श्रेय दिवंगत पति सुरेंद्र राकेश के विकास कार्य, जनता के स्नेह को दिया।
भगवानपुर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ममता राकेश ने अमर उजाला संवाददाता से वार्ता करते हुए कहा कि जिस प्रकार मंत्री जी ने विकास के काम किए उसका क्रम वैसे ही जारी रहेगा। जिस प्रकार मंत्रीजी आमजन के बीच में रहते थे वह भी वैसे ही जनता के बीच में रहेंगी। जनता का सुख दुख उनका होगा।
बेरोजगारों के हक की लड़ाई जारी रहेगी और किसी का भी शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अपनी जीत पूरी तरह से कांग्रेस एवं दिवंगत मंत्री को समर्पित करते हुए कहा कि उनके सपने पूरे होंगे। जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह से खरी उतरने की कोशिश करेंगी। किसानों के लिए बिजली-पानी, महिलाओं को सुरक्षा दिलाना उनके कार्यों में शामिल रहेगा।
बोले राजपाल, सरकारी मशीनरी का हुआ दुरुपयोग
भाजपा प्रत्याशी राजपाल सिंह ने कहा कि वह हारे हैं, लेकिन उन्हें भी जनता ने स्नेह देकर भारी वोट दिया है। इसके लिए वह जनता के आभारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता का दुरुपयोग किया है।
पूरी सरकारी मशीनरी कांग्रेस के पक्ष में काम कर रही थी। जिसके चलते भाजपा की हार हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर ईवीएम रखी गई थी, वहां की सीसीटीवी फुटेज उन्हें नहीं दिखायी गई और न ही उपलब्ध करायी गई है। इससे अधिकारियों की मंशा पर सवाल खडे होते हैं।
कहा, मंत्री पद पर बनता है हक
सरकार में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर ममता ने कहा कि मंत्री पद पर उनका हक बनता है, लेकिन कांग्रेस हाईकमान का जो भी निर्णय होगा, वह मान्य होगा। उन्होंने पारिवारिक मनमुटाव होने की बात से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि कोई विरोध कोई नहीं है सभी एक है, केवल मीडिया में चर्चाएं है।
सबसे पहले मतगणना स्थल पर पंहुची ममता
भगवानपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के लिए सबसे पहले 7.40 बजे कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश की पत्नि ममता राकेश जिला मुख्यालय पहुंची। सुरेंद्र राकेश के भाई सुबोध और एक दूसरा भाई साथ रहे।
उनके बाद भाजपा के राजपाल सिंह और रुड़की से अन्य भाजपाई नेता पंहुचे। हरिद्वार क्षेत्र से एक भी भाजपाई नेता और कार्यकर्ता मतगणना स्थल नहीं गया।
8.30 तक एजेंटों की आमद
अलग अलग पार्टियों की ओर से मतगणना स्थल पर तैनात किए जाने वाले एजेंट 8.30 तक रोशनाबाद पंहुचते रहे। जबकि ठीक आठ बजे मतगणना शुरू की जा चुकी थी। एक दो एजेंट तो नौ बजे अंदर प्रवेश करते दिखे।
किसी काम न आई बहानेबाजी
बिना पास किसी भी एजेंट को पुलिस वालों ने मतगणना स्थल तक जाने के लिए अनुमति नहीं दी। एजेंटो के अंदर जाने की फिराक में साथ आए कई लोग पास दिखाने के नाम पर वापस मुड़ गए। वहीं मीडिया वालों के साथ एक व्यक्ति ने फोटो ग्राफर होने की बात कहकर अंदर जाने की कोशिश की लेकिन मुस्तैद पुलिस वालों के सामने बहाने बाजी काम न आई।
जीत के बाद सुबोध आगे ममता पीछे
शुरु से आखिर तक मतगणना के वक्त ममता अन्य प्रत्याशियों से हर राउंड में आगे रही। जीत का सर्टिफिकेट लेने के बाद कलेक्ट्रेट से बाहर आते हुए ममता पीछे हो गई और सुबोध आगे।
कार्यकर्ताओं ने सुबोध को कंधों पर उठाकर फूल मालाओं से लाद दिया। करीब 10 कदम पीछे चल रही ममता पर समर्थकों ने फूल बरसाए। लेकिन अधिकांश लोग सुबोध का ध्यान किसी तरह अपनी ओर खींचने की कोशिश करते रहे।
पहले से था जीत का भरोसा
ममता के समर्थकों को पहले से जीत का भरोसा था। पार्किंग में उनके समर्थक फूल मालाएं लेकर गए थे। कई लोग अपने हाथों में मालाएं लेकर घूम रहे थे। जबकि हाथ निशान वाला झंडा लगी कई कारों में थैलियों और अखबार में लपेट कर मालाओं के बंडल रखे गए थे।
कम भीड़ देख पुलिस खुश
उपचुनाव की मतगणना के लिए उम्मीद से कम भीड़ रही। जिसपर कई पुलिसकर्मी और अधिकारी यह कहते नजर आए कि अच्छा हुआ। यदि ज्यादा भीड़ होती तो बहुत मशक्कत करनी पड़ती।