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सुनील हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर परिजनों ने क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर शहर में निकाला जुलूस,कोतवाली के बाहर रखा उपवास

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तीन महीने बाद भी सुनील हत्याकांड का खुलासा नहीं होने पर भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के बैनर तले जौनसार के जखनोऊ के ग्रामीणों ने जुलूस निकाला। साथ ही कोतवाली के बाहर उपवास रखा। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर हत्याकांड के खुलासे की मांग की। साथ ही शहर कोतवाल को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि दस दिनों के अंदर हत्यारे नहीं पकड़े गए तो डीजीपी और फिर मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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बुधवार को गांधी चौक से कोतवाली तक निकाले गए जुलूस में शामिल मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस तीन माह बाद भी हत्यारों को नहीं पकड़ पाई। मृतक की मां मुन्नी देवी और पिता संतराम ने आरोप लगाया कि पुलिस हत्यारों को तो पकड़ नहीं पाई और अब इसमें उनके दूसरे बेटे व पोते को फंसाने का षड्यंत्र कर रही है। मंच के राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला रेतकर हत्या की बात सामने आई थी लेकिन पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी।
पुलिस अभी तक केस में रटी-रटाई कहानी बता रही है। पुलिस को पता है कि हत्यारा कौन है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं कर रही है। जिन पर परिजनों को शक है, उनसे पुलिस क्यों नहीं पूछताछ कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता जबर वर्मा ने कहा कि जल्द हत्या का खुलासा नहीं हुआ तो भूख हड़ताल करेंगे। उधर, कोतवाल गिरीश चंद्र शर्मा का कहना है कि जांच में जो साक्ष्य मिले हैं, उनका परीक्षण कराया जा रहा है। कई लोगों से पूछताछ के बाद जांच फाइनल स्तर पहुंच गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जो साक्ष्य जांच के लिए भेजे गए हैं, अगर उनमें कोई तथ्य सामने नहीं आए तो कुछ लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाएगा।
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यह था मामला
24 फरवरी को जार्ज एवरेस्ट क्षेत्र में जौनसार के जखनोऊ (लखवाड़) निवासी सुनील की अज्ञात लोगों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। उसका शव पास के जंगल में मिला था। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन परिजनों और क्षेत्र के लोगों के दबाव में उनको छोड़ दिया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस परिवार के लोगों को पकड़ रही और हत्यारे बेखौफ घूम रहे हैं।
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