बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के उच्च हिमालयी चोटियों पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, गर्ब्यांग, कालापानी पर मौसम का दूसरा हिमपात हुआ। रानीखेत में बारिश की फुहारों के बीच ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी हरियाणा, राजस्थान, यूपी से भर्ती के लिए पहुंचे युवकों को हुई। दिन भर युवक शॉल और टोपी ओढ़े नजर आए। चंपावत, लोहाघाट,पाटी, बाराकोट आदि में बारिश से तापमान में गिरावट आ गई।
कुछ जगह ओले भी पड़े। कुमाऊं में लगभग पूरे दिन आसमान बादलों से ढंका रहा। सरोवर नगरी नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर तराई-भाबर में अंधड़ के साथ हुई बारिश से धान की फसल खेतों में बिछ गई। गदरपुर समेत कुछ स्थानों पर मंडियों में पड़ा धान भीग गया। सितारगंज, किच्छा, कालाढूंगी, गौलापार में धान को ज्यादा नुकसान हुआ है।
चक्रवर्ती तूफान तितली के भारत के तटवर्ती इलाकों में पहुंचने से अचानक मौसम में परिवर्तन आया है। हालांकि इसका असर आंशिक ही रहेगा और शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा। बंगाल की खाड़ी से उठे तितली तूफान ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश किया।
डॉ. आरके सिंह, मौसम विज्ञानी पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय
राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बृहस्पतिवार को मौसम के कई रंग देखने को मिले। सुबह बारिश के बाद ठंड ने लोगों की कंपकंपी छुड़ाई। वहीं, दोपहर बाद खिली तेज धूप के चलते पसीने और उमस से दो-चार होना पड़ा। शुक्रवार से मौसम साफ रहने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार तड़के ही राजधानी देहरादून में बारिश हो गई। अलग-अलग इलाकों में कई दौर की बारिश सुबह करीब 10:30 बजे तक हुई। इसके चलते एकाएक ठंड बढ़ गई और लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़ गए।
हालांकि करीब 11 बजे मौसम साफ हो गया और तेज धूप खिल गई। इसके बाद पूरे दिनभर तेज धूप खिली रही। इसके चलते पसीने और उमस ने लोगों को खूब परेशान किया। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है।