याची के मुताबिक पिथौरागढ़ जिले के लमारी, बुंदी, गुंजी, चैयालेख, गर्ब्यांग, नपलच्यु, नाबी, रोगकोंग, कुटी, कालापानी और नाभीढांग की आबादी लगभग 9000 है। इस क्षेत्र में कोई सड़क नहीं है।
इन गांवों को केवल पगडंडियां ही आपस में जोड़ती हैं। 1999 से 2000 के बीच केंद्र सरकार ने सीमांत क्षेत्रों में सड़कों के महत्व को देखते हुए घटियाबागढ़ से लिपुलेख तक चार किलोमीटर मोटर मार्ग का प्रस्ताव स्वीकृत किया था।
बीआरओ अभी तक यह सड़क नहीं बना पाया है। क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी लेकिन उसका किराया 3100 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया। यह बहुत ज्यादा है और यह सेवा भी बिना नोटिस के बंद कर दी गई है। क्षेत्र में अब खाद्य सामग्री और अन्य रोजमर्रा का जरूरी सामान भी समाप्त हो गया है।