श्रीमहंत ने कहा कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में देवस्थानम बोर्ड तक गठित है। बोर्ड पूरी तरह अनभिज्ञ बना रहा है। उन्होंने पहले तत्काल प्रभाव से बोर्ड को भंग करने और सनातन रक्षा बोर्ड गठित करने की मांग की।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद महानिर्वाणी के अध्यक्ष व दक्ष प्रजापति मंदिर के श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद के जरिए सनातन आस्था पर चोट पहुंचाने वालों को यदि सख्त सजा नहीं दी गई तो ऐसे तत्वों का साहस बढ़ता जाएगा।
उन्होंने कहा कि देशभर में सनातन धर्म को मानने वाले आहत हुए हैं। महामंडलेश्वर रुपेंद्र प्रकाश, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद समेत बड़ी संख्या में संतों ने कहा कि देश में अब सनातन की रक्षा के लिए संतों को कमान संभालनी पड़ेगी। इसके लिए समूचे राष्ट्र के संतों को चिंतन करने की आवश्यकता है।