इस बार यह पुरस्कार देहरादून की नीरजा गोयल, मीताली शाह और आशा कोठारी, अल्मोड़ा की गीता देवी और गंगा बिष्ट, बागेश्वर की कुमारी विशाखा, चंपावत की सीमा देवी, पिथौरागढ़ की लक्ष्मी बिष्ट और खीमा जेठी, हरिद्वार की बेबी नाज, नैनीताल की कनक, समृद्धि और मुन्नी देवी, उत्तरकाशी की शांति ठाकुर, ऊधमसिंह नगर की ज्योति गांधी और पूजा को दिया जाना तय किया गया है।
महिला सशक्तिकरण मंत्रालय की ओर से गठित चयन समिति को टिहरी, पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले से आवेदन मिले ही नहीं। अब इन जिलों को तुरंत आवेदन भेजने के लिए कहा गया है।
यह पहली बार है कि 15 अगस्त की बजाय प्रदेश सरकार ने इस समारोह को तीलू रौतेली के जन्मदिन आठ अगस्त को आयोजित करने का फैसला किया है। तीलू रौतेली के जन्मदिन पर ही सर्वे चौक के समीप एक 200 कमरों के महिला छात्रावास का भी शिलान्यास करने की योजना है।
इसी के साथ इस दिन देहरादून में तीलू रौतेली की प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या के मुताबिक तीलू रौतेली के जन्मदिन पर अवॉर्ड समारोह पहली बार आयोजित हो रहा है। यह निर्णय 2018 में लिया गया था।
पहले हर जिले से एक अवॉर्ड का प्रतिबंध था। इस बार यह तय किया गया कि मानक में आने पर एक से अधिक अवॉर्ड भी दिए जाएंगे। जिन जिलों से नाम नहीं आए हैं उन्हें रिमाइंडर भेजा जा चुका है। फिर भी नाम नहीं आते हैं तो माना जाएगा कि मानकों के आधार पर नाम नहीं मिल पाए।