टिहरी बांध प्रभावित मदननेगी क्षेत्र की उपेक्षा से आहत ग्रामीणों ने सात नवंबर को डीएम से सीएम तक महायात्रा निकालने का ऐलान किया है। टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति ने कहा कि झील का जलस्तर आरएल 825 मीटर करने से मदन नेगी क्षेत्र के पांच गांव प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी
उनका विस्थापन किए बगैर सरकार ने जलस्तर आरएल 830 मीटर तक भरने की अनुमति देकर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे प्रभावितों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 830 मीटर तक भरने की अनुमति देने से बांध प्रभावितों में खासा रोष है। उन्
होंने कहा कि आरएल 825 मीटर के दायरे में निवासरत गांव भूधंसाव की जद में है, उनकी समस्या का समाधान किए बगैर 830 मीटर तक जलभराव की अनुमति देकर कांग्रेस सरकार बांध प्रभावितों की समस्या से मुह मोड़ रही है।
कोई हल नहीं निकला
बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेमदत्त जुयाल ने बताया कि झील में जलभराव के कारण 2011 में मदननेगी क्षेत्र के 50 से अधिक मकान जमीजोंद हो गए थे। जिसका अभी तक किसी को भी मुआवजा नहीं मिल पाया है।
अब सरकार ने जलस्तर 830 मीटर तक भरने की अनुमति देकर प्रभावितों के सामने बड़ी समस्या पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि समस्या से कई बार पुनर्वास निदेशालय से लेकर प्रदेश सरकार को अवगत कराया गया है, लेकिन कोई हल नहीं निकाला जा रहा है।
किया जाएगा घेराव
ग्रामीणों को अपने हाल पर छोड़ा जा रहा है। शासन-प्रशासन की उपेक्षा से खिन्न बांध प्रभावित ग्रामीणों ने सात नवंबर से डीएम से सीएम तक महायात्रा निकालने का निर्णय लिया है।
समिति के अध्यक्ष ने बताया कि लोकसभा उपचुनाव में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने समाधान निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद वह भी गायब हो गए। यात्रा के दौरान उनका भी घेराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा में अन्य सभी बांध प्रभावितों को भी शामिल किया जाएगा।