यह भी सामने आया कि उत्तर पूर्व, उड़ीसा में बाघों के संरक्षण के प्रयास और बढ़ाने की जरूरत है। दक्षिण पश्चिम घाट क्षेत्र में सुधार आया है। बुक्सा, पालामाऊ और डांपा क्षेत्र में कोई बाघ रिकार्ड नहीं किया गया।
सबसे खास बात यह है कि बाघों का आवासीय वन क्षेत्र करीब 3.8 लाख वर्ग किलोमीटर का पाया गया है। इसमें से बाघ मात्र 88985 वर्ग किलोमीटर में सिमटे हुए हैं। ऐसे में शेष वन क्षेत्र में बाघों के लिए पर्याप्त आहार हो तो बाघों और मानव के बीच संघर्ष भी बहुत हद तक कम हो सकता है।
डा. झाला के मुताबिक बाघों की गणना को दुनिया में वन्यजीवों के सबसे बड़े सर्वे के रूप में देखा जा सकता है। यह गणना में 20 राज्यों का करीब 3.8 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया गया।