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पहले हमला कर किया जख्मी, पांच घंटे बाद फिर लौटा बाघ, घायल फॉरेस्ट गार्ड को उतारा मौत के घाट

Tue, 22 Oct 2019 05:47 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार

सार

  • बाघ से बचाकर सुरक्षित स्थान पर ले आए थे साथी वनकर्मी, फिर उन्हीं की आंखों के सामने ले गया
  • केटीआर की प्लेन रेंज में गश्त के दौरान बाघ ने रविवार को बनाया शिकार, घने जंगल में मिला शव
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बाघ (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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गश्त कर रहे एक फॉरेस्ट गार्ड पर हमला करने के पांच घंटे बाद आया बाघ उसी फॉरेस्ट गार्ड को उठाकर ले गया। कुछ ही पलों में वनकर्मियों की आंखों के सामने ही पूरी घटना घट गई, लेकिन वो कुछ नहीं कर पाए। घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद फॉरेस्ट गार्ड का शव घने जंगल से क्षत-विक्षत हालत में मिल गया।

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यह हैरतअंगेज घटना कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) की प्लेन रेंज में घटी। रविवार शाम यमकेश्वर ब्लाक के कांडी गांव निवासी फॉरेस्ट गार्ड राजेश नेगी (46) पुत्र स्व.बलवंत सिंह दो साथी वनकर्मियों के साथ जंगल में गश्त कर रहे थे।

इसी दौरान शाम चार बजकर 35 मिनट पर सबसे पीछे चल रहे राजेश पर एक बाघ ने हमला कर दिया। इस पर साथी वनकर्मी पूरण सिंह और कमल सिंह ने हवाई फायर की तो बाघ भाग गया, लेकिन उसके हमले में राजेश बुरी तरह जख्मी हो गए। इस पर दोनों साथी उन्हें पीठ पर लादकर घंटों का रास्ता तय कर एक खुले और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और अधिकारियों को हादसे की सूचना दी।
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इस पर अधिकारियों ने जल्द मौके पर टीम भेजने और राजेश को अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने की बात कहकर इंतजार करने को कहा। इसी बीच रात साढ़े नौ बजे वो ही बाघ वहां पहुंचा और दोनों वनकर्मियों की आंखों के सामने से जमीन पर लेटे राजेश को घसीटकर ले गया।

अचानक कुछ ही पलों में घटी इस घटना से हरकत में आए दोनों वनकर्मियों ने हवाई फायर कर बाघ का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन वो अंधेरे में घने जंगल में ओझल हो गया। घटना की सूचना से विभाग में हड़कंप मच गया।

मौके पर पहुंची वनकर्मियों की टीम ने राजेश की तलाश में अभियान शुरू कर दिया। घंटों की मशक्कत के बाद प्लेन रेंज की चौबेली बीट में झाड़ियों के अंदर राजेश का शव बरामद हो गया। बाघ राजेश के पैर खा गया था, इसके अलावा शरीर पर जगह-जगह गहरे जख्म थे। वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराकर शव मृतक के परिजनों का सौंप दिया है। 

बाघ आदमखोर तो नहीं

माना जा रहा है कि यह वही बाघ है, जिसने बीती 15 जुलाई को इसी रेंज में एक फायर वाचर सोहन सिंह पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इस बाघ के आदमखोर होने की आशंका भी जताई जा रही है।

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