गुरुवार को रामनगर में बाघ के आतंक से हर कोई परेशान हो गया। लेकिन पहली बार बाघ को हमले के समय ऐसा करते देख रेस्क्यू टीम भी हैरान रह गई।
अभी तक मानव वन्य जीव संघर्ष में किसी भी वन्यजीव ने एक दिन में एक व्यक्ति पर ही पर हमला बोला था। लेकिन इस बार एक ही दिन में किसी बाघ ने दो लोगों को अपना निवाला बनाया है।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बैलपडाव रेंज के दाबका नदी के पास एक बाघ ने बहु और ससुर को अपना निवाला बना लिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच बाघ को भगाने के लिए कई राउंड हवाई फायर किए लेकिन वह नहीं हटा। वनकर्मी जब जेसीबी की मदद से शवों के पास पहुंचे तो उसने जेसीबी पर भी हमला बोल दिया।
कई घंटों की मशक्कत के बाद बाघ को टैंकुलाइज कर इलाज के लिए नैनीताल जू भेजा गया। दोनों शवों को संयुक्त चिकित्सालय में पंचनामा भरकर मोर्चरी में रख दिया गया है।
ग्राम कादिराबाद थाना संभल जिला मुरादाबाद निवासी रामदास अपने परिवार के साथ दाबका नदी में मजदूरी का काम करता है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे रामदास अपनी पत्नी भगवती देवी के साथ तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज के छोई बीट स्थित पश्चिमी चांदनी दाबका जंगल में लकड़ी लेने गया था। इस दौरान बाघ ने अचानक भगवती पर पीछे से हमला कर दिया। बाघ उसे घसीटकर जंगल में खींच ले गया।