राजाजी राष्ट्रीय पार्क में शनिवार से बाघों की गणना शुरू हो गई। भारतीय वन्यजीव संस्थान ी (डब्ल्यूआईआई) की मदद से पार्क में 100 कैमरे लगाए जाएंगे। तीन सौ स्थानों पर अलग-अलग समय में कैमरे लगाए जाएंगे।
अगले डेढ़ माह तक यानी दिसंबर 2013 तक गिनती का कार्य किया जाएगा। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से एक अक्टूबर से ही बाघों की गणना का कार्य शुरू किया गया है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान की 2010 के गणना के अनुसार राजाजी में 12 से 16 के बीच बाघों की संख्या है। इस अवधि में पार्क में बाघ घटे या बढ़े हैं।
2013 की गणना में स्पष्ट तसवीर उभरकर सामने आएगी। पिछले एक दशक से भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक डा.विभाष पांडव पार्क के बाघों पर पैनी नजर रखे हुए है।
इसको लेकर उनकी ओर से लगातार रिसर्च किया जाता रहा हैं। इस गणना में भी विभाष पार्क प्रशासन को बाघों की गणना में तकनीकी तौर पर मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्क के गौहरी, चीला, बेरीवाड़ा सहित अन्य रेंजों में बाघों की उपलब्धता पाई जाती है।