देहरादून में चल रही इंदिरा अम्मा भोजनालय के टिफिन की होम डिलिवरी महिलाएं ही करेंगी। खाना पकाने और परोसने के बाद महिलाओं को घर-घर टिफिन पहुंचाने की भी जिम्मेदारी दी जा रही है।
इसके लिए दोपहिया वाहन चलाने वाली महिलाओं का समूह तैयार किया जा रहा है। 19 नवंबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत के आवास पर पहला टिफिन पहुंचाने के साथ होम डिलिवरी की शुरुआत होगी।
शुरूआत में केवल बुजुर्गों को ही टिफिन की होम डिलिवरी की जाएगी। पंजीकरण के समय इसीलिए आइडी कार्ड लिया जा रहा है। पहले घंटाघर के तीन किमी के दायरे में टिफिन की होम डिलिवरी होगी।
बाद में योजना पर मिले फीडबैक के अनुसार आगे का कार्यक्रम तय किया जाएगा। लोगों को सस्ता लंच उपलब्ध कराने के बाद इंदिरा अम्मा भोजनालय टिफिन की होम डिलिवरी करने जा रहा है।
नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के दिन से इसके लिए पंजीकरण कराया जा सकेगा। कैंटीन का संचालन करने वाली राजलक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह की पूजा द्विवेदी ने बताया कि प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी ने इससे अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो भविष्य में और महिलाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।
35 रुपए का टिफिन
इंदिरा अम्मा भोजनालय में खाने की थाली भले ही 20 रुपए की पड़ती हो, लेकिन टिफिन घर मंगाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। पूजा द्विवेदी ने बताया कि एक टिफिन की कीमत 30 रुपए होगी। इसके अलावा पांच रुपए प्रति टिफिन होम डिलिवरी का भुगतान करना होगा। ऐसे में एक टिफिन 35 रुपए का पड़ेगा।
नौ नवंबर से पंजीकरण
घर पर टिफिन मंगाने के लिए पहले इंदिरा अम्मा कैंटीन में पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए एक आईडी भी देनी होगी। इससे एक तो डिमांड का पता चल सकेगा और दूसरा टिफिन की सुरक्षा और भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो सकेगी। होम डिलिवरी के लिए नौ नवंबर से कैंटीन में पंजीकरण कराया जा सकेगा।
योजना को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। महिलाओं के लिए वाहनों की व्यवस्था भी हो रही है।
- राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव