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अब सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकना हुआ अपराध, पकड़े गए तो होगी इतने साल की जेल

Thu, 10 Aug 2017 08:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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सार्वज‌न‌िक स्‍थान पर कूड़ा फेंकना अब अपराध की श्रेणी में आ गया है। अब अगर आप खुले में कूड़ा फेंकते पाए गए तो आपको जेल भी हो सकती है। इसल‌िए अब कूड़ा फेंकने से पहले दस बार सोच लें, नहीं तो जेल के साथ ही जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है।
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गांवों में सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकना अब किसी को भी महंगा पड़ सकता है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को दो साल की जेल हो सकती है। प्रदेश सरकार ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कूड़ा अधिनियम लागू किया है, जिसके तहत गांवों में भी घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की गई है। जो परिवार नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर ग्राम पंचायत जुर्माना लगाएगी। 

स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत राज अधिनियम में भी स्वच्छता को लेकर खुली बैठक का प्रावधान रखा गया है। जनपद के 359 ग्राम पंचायतों के 6 सौ से अधिक गांवों में इस व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा।
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प्रथम चरण में नमामि गंगे के तहत 12 और स्वच्छ भारत मिशन के तहत 6 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके अलावा इन गांवों के साथ ही अन्य गांवों में भी प्रत्येक घर से कूड़ा उठाया जाएगा। 
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​आय का जरिया बनेगा कूड़ा  

ग्राम पंचायत इस व्यवस्था के लिए दो लोगों को नियुक्त कर सकती है। गांवों में जैविक/अजैविक कूड़ादान उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें कूड़े को एकत्रित किया जाएगा। घरों से कूड़ा उठान का परिवारों को शुल्क देना होगा, जो ग्राम पंचायत तय करेगी।

कूड़ा उठान के लिए प्रत्येक गांव में दो-दो लोग नियुक्त किए जाएंगे, जिन्हें मानदेय दिया जाएगा। व्यवस्था का अनुपालन न करने वाले परिवार के खिलाफ ग्राम पंचायत खुली बैठक कर जुर्माना लगा सकती है। अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकते हुए पकड़ा गया तो, उसे 2 वर्ष की जेल हो सकती है। 

गांवों में घरों से एकत्रित होने वाला जैविक व अजैविक कूड़ा ग्राम पंचायत की आय का जरिया भी बनेगा। जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी, जिसे प्रगतिशील कृषकों को बेची जाएगी। पुरानी रद्दी व अन्य सामग्री से लिफाफे व सजावटी सामग्री बनाई जाएगी। गांवों में महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। 

गांवों को स्वच्छ और रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से कूड़ा अधिनियम लागू किया जा रहा है। घरों से कूड़ा उठान के लिए गांवों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। ग्राम प्रधानों के पास स्वर्णिम अवसर है कि वे गांव/ग्राम पंचायत को स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉडल के रूप में विकसित करे। 
- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग 
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