सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकना अब अपराध की श्रेणी में आ गया है। अब अगर आप खुले में कूड़ा फेंकते पाए गए तो आपको जेल भी हो सकती है। इसलिए अब कूड़ा फेंकने से पहले दस बार सोच लें, नहीं तो जेल के साथ ही जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है।
गांवों में सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकना अब किसी को भी महंगा पड़ सकता है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को दो साल की जेल हो सकती है। प्रदेश सरकार ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कूड़ा अधिनियम लागू किया है, जिसके तहत गांवों में भी घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की गई है। जो परिवार नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर ग्राम पंचायत जुर्माना लगाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायत राज अधिनियम में भी स्वच्छता को लेकर खुली बैठक का प्रावधान रखा गया है। जनपद के 359 ग्राम पंचायतों के 6 सौ से अधिक गांवों में इस व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा।
प्रथम चरण में नमामि गंगे के तहत 12 और स्वच्छ भारत मिशन के तहत 6 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके अलावा इन गांवों के साथ ही अन्य गांवों में भी प्रत्येक घर से कूड़ा उठाया जाएगा।