कोतवाली पुलिस और एसओजी ने विकासनगर और सहसपुर क्षेत्र में गिरोह बनाकर चोरी की दो घटनाओं को अंजाम देने वाले झांसी के तीन युवकों स्वतंत्र शर्मा, अमित कुशवाह और आकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के आभूषण, 4500 रुपये और अन्य सामान बरामद कर लिया है।
16 जून की रात को सहसपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर के एक बंद मकान से चोर आभूषण और सामान चोरी कर ले गए थे। घटना के दौरान परिवार हरियाणा में रिश्तेदारों के घर गया हुआ था। 17 जून को जब परिवार वापस लौटा तो उन्हें चोरी की घटना का पता चला। मकान मालिक मीनू की तहरीर पर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
वहीं, 18 जून को फतेहपुर से ही सटे विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के हरबर्टपुर की शिवा कॉलोनी में एक ग्राफिक डिजाइनर के बंद मकान से चोरों ने आभूषण और 40 हजार रुपये की नकदी चोरी कर लिए थे। घटना के दौरान परिवार अल्मोड़ा स्थित पैतृक गांव में पूजन अनुष्ठान में गया हुआ था। 24 जून को घर पहुंचने के बाद परिवार को चोरी का पता चला। मकान मालिक हिमांशु नेगी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
कोतवाली प्रभारी विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरबर्टपुर चौकी प्रभारी सनोज कुमारी के नेतृत्व में पुलिस व एसओजी की एक संयुक्त टीम गठित की गई। सीसीटीवी कैमरा की फुटेज से चोरों की पहचान की गई है।
मंगलवार को पुलिस ने आरोपियों को झाड़ूवाला चौक के पास एक बगीचे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने अपना नाम उत्तरप्रदेश के झांसी के थाना टोडी फतेहपुर निवासी स्वतंत्र शर्मा, थाना कंटहीपा गंज निवासी अमित कुशवाह और रक्षा थाना क्षेत्र निवासी आकाश वर्मा बताया।
मास्टरमाइंड प्रतियोगी परीक्षाओं की कर रहा था तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। गिरोह का सरगना स्वतंत्र कुमार झांसी से नेटवर्किंग व्यवसाय करने हरबर्टपुर आया था। उसके बाद काम छोड़ सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगा। रुपये की तंगी होने लगी तो दो साथियों के साथ गिरोह बनाकर चोरी करना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक स्वतंत्र कुमार करीब दो वर्ष पहले नेटवर्किंग व्यवसाय करने हरबर्टपुर आया था। कंपनी ने उसे किराये पर कमरा दिलवाया था। छह माह काम करने के बाद स्वतंत्र कुमार की कोई खास कमाई नहीं हुई। उसने नौकरी छोड़ दी और सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगा।
इस बीच रुपये की कमी के चलते उसके लिए जीवन यापन मुश्किल हो गया। कोई रोजगार तलाशने के बजाय उसने गिरोह बनाकर चोरी करने की योजना बनाई। उसने मजदूरी का कार्य करने वाले आकाश को गिरोह में शामिल होने के लिए तैयार किया। उसके बाद आकाश ने अमित कुशवाह को भी गिरोह में शामिल कर लिया।
तीनों किराये के कमरे में एक साथ रहने लगे। तीनों हरबर्टपुर और आसपास के क्षेत्रों के गांवों, कॉलोनियों और मोहल्लों में रेकी करते थे। बंद मकानों को चिह्नित करने के बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया था। लेकिन, चोरी की योजना कम समय में फेल हो गई।
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आरोपियों के पास से बरामद सामान
4500 रुपये, आठ जोड़ी पायल, 20 जोड़ी बिछुवे, एक मंगल सूत्र, दो मांग टीके, एक अंगूठी, दो मूर्ति चांदी, आठ सिक्के, एक चांदी प्रतिमा, एक तांबे का का सिक्का, एक हार सेट, नीले रंग का पर्स