कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) मेन परीक्षा में छह हाईटेक नकलची पकड़े गए। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
मोबाइल और ब्लूटूथ लेकर परीक्षा दे रहे इन नकलचियों को दून में मौजूद गिरोह का एक सदस्य जवाब बता रहा था। पुलिस ने नकलचियों की निशानदेही पर उसे भी दबोच लिया।
कुछ परीक्षार्थियों पर शक
रविवार को राजधानी के कुछ स्कूलों में एसएससी परीक्षा आयोजित की गई। एसजीआरआर बिंदाल में कक्ष निरीक्षकों को कुछ परीक्षार्थियों पर शक हुआ।
तलाशी ली गई तो उनके पास से ब्लूटूथ हेडसेट और मोबाइल बरामद हुए। पता चला कि वे ब्लूटूथ के जरिये सवालों के जवाब पूछ रहे थे। कक्ष निरीक्षकों ने यहां से पांच नकलचियों को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
दूसरी ओर, डीएवी इंटर कालेज में भी कक्ष निरीक्षकों ने एक नकलची पकड़ा। उसके पास से भी मोबाइल और ब्लूटूथ हेडसेट मिला। उसे डालनवाला पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये पकड़े गए नकलची
स्वाति चौधरी निवासी तेजीलेड़ा छपार मुजफ्फरनगर यूपी
राजेश निवासी बांग बाड़पुर नारनौल हिसार (हरियाणा)
ललित कुमार निवासी कुंगड़ भिवानी (हरियाणा)
संदीप कुमार निवासी गाठड़ा सांडला रोहतक (हरियाणा)
सपना निवासी नांगलोई नई दिल्ली
(पांचों एसजीआरआर बिंदाल में पकड़े गए, दोनों महिलाएं विवाहित हैं)
रवि पंवार निवासी सवगा छपरौली बागपत मेरठ यूपी
(डीएवी इंटर कालेज से पकड़ा गया)
यह था गिरोह का सदस्य
नकलचियों की निशानदेही पर पुलिस ने सतेंद्र पुत्र राजपाल निवासी तेजीलेड़ा छपार मुजफ्फरनगर यूपी को कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के कुछ सदस्य फरार बताए जा रहे हैं।
दस लाख में हुआ था सौदा
पकड़े गए नकलचियों ने पुलिस को बताया कि परीक्षा में पास कराने के लिए नकल कराने के नाम पर गिरोह के सदस्यों ने उनका सौदा दस लाख रुपये तक में हुआ था। बताया कि गिरोह के कुछ सदस्य दून में थे, जबकि कुछ दिल्ली से मोबाइल पर उन्हें सवालों के जवाब बता रहे थे।