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एक दूसरे का हाथ पकड़े-पकड़े तेज बहाव में बह गए तीनों

Fri, 17 Jul 2015 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कालसी (देहरादून)
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देहरादून के कालसी क्षेत्र में सराड़ी खड्ड को पार करते वक्त दंपति समेत तीन लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। घटनास्थल से करीब 400 मीटर की दूरी पर शवों को बरामद किया गया, जबकि दंपति के पांच साल के बच्चे को गांव के युवक चमन सिंह ने जान पर खेलकर बचा लिया।
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सही मायने में इस घटना के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। क्योंकि, सराड़ी खड्ड पर लोग लंबे समय से पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं।

पुलिया न होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डाल कर खड्ड को पार करना पड़ता है। घटना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है। उधर, तेज बारिश, धुंध और सड़क बंद होने के कारण पुलिस प्रशासन मौके पर नहीं पहुंच सका। ग्रामीणों ने खुद शवों को खड्ड से निकाला।

गांव के युवक ने जान पर खेल बच्चे को बचाया

सराड़ी निवासी धन्ना (34) पुत्र खेमू, पत्नी गुन्नी देवी (27) और गुन्नी की बड़ी बहन कम्मो देवी (30) पत्नी पंचराम गांव के 15-20 लोगों के साथ देव दर्शन के लिए कोटी स्थित सिमोग मंदिर गए हुए थे। दोपहर करीब ढाई बजे सभी दर्शन के बाद पैदल गांव लौट रहे थे। गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीण सराड़ी खड्ड में उतर गए।

बताया जा रहा है कि बारिश के कारण खड्ड में तेज बहाव था। तीनों मानव शृंखला बनाकर खड्ड को पार करने का प्रयास कर रहे थे। उनके साथ धन्ना का पांच वर्षीय बेटा भी था।

इनसे पहले सभी ग्रामीण खड्ड को पार कर चुके थे। तभी तेज बहाव के चलते धन्ना, उनकी पत्नी गुन्नी देवी और कम्मो देवी तेज बहाव में बह गए। जबकि गांव के चमन सिंह ने जान पर खेलकर धन्ना के बेटे को बचा लिया।
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देखते ही देखते धारा में बह गए तीनों

ग्रामीणों जब तक तीनों को बचाने की कोशिश करते तीनों तेज धारा में लापता हो गए। गुन्नी और कम्मो देवी का मायका पास के ही गांव रुपऊ में है। दोनों की मौत से मायके में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

प्रशासन सुन लेता तो न होता हादसा
पूर्व में जिला प्रशासन से कई बार खड्ड पर पुलिया निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात में मजबूरी में लोगों को खड्ड से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे खतरा बना रहता है। पूर्व में भी कई पशु खड्ड में बह चुके हैं।
-मकतूला देवी, प्रधान, सराड़ी
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