फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेलगाम स्कॉर्पियो ने निगली दादा-दादी और पोते की जिंदगी

Fri, 26 Jun 2015 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार-नजीबाबाद राजमार्ग पर तिरछे पुल के पास बेकाबू स्कार्पियो ने बिजनौर जा रहे स्कूटर सवार दादा, दादी एवं पोते की जान ले ली। पुलिस ने गाजीपुर निवासी आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है।
विज्ञापन


बिजनौर के सैनीपुरा, चांदपुर निवासी महीपाल (45) भीमगोडा में किराए के मकान में रहकर ठेकेदारी करते थे। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे वह पत्नी माया (41) एवं पोते कार्तिक (5) को स्कूटर पर लेकर अपने पैतृक गांव जा रहे थे। तिरछा पुल के पास पहुंचते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार स्कार्पियो ने स्कूटर में टक्कर मार दी और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कार्पियो का अगला हिस्सा भी पूरा क्षतिग्रस्त हो गया था। सूचना पर श्यामपुर पुलिस पहुंची। चंडीघाट चौकी प्रभारी महावीर सिंह रावत ने बताया कि स्कार्पियो चालक आलोक पांडे (पुत्र अमरनाथ पांडे निवासी दबरा, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) ने पूछताछ में बताया कि वह एक दुपहिया वाहन को ओवरटेक कर रहा था। लेकिन स्कूटर कब सामने आ गया इसका पता नहीं चल पाया।
विज्ञापन


आरोपी शाहजहांपुर में एक मोबाइल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। चौकी प्रभारी ने बताया कि तिरछे पुल के पास मोड़ भी है। ठेकेदार महीपाल ने हेलमेट पहना था।
विज्ञापन

बेटे की बदहवाश देख भर आई सबकी आंखें

पुलिस ने जब दुर्घटना की सूचना परिजनों को दी तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन एवं अन्य ग्रामीण तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल कैंपस में आपस में बातचीत में सभी ग्रामीणों का कहना था ऐसे बारिश में स्कूटर पर जाने की क्या जरूरत थी।

पोता 10-15 दिन पहले ही दादा-दादी के पास रहने आया था। पेशे से ठेकेदार महिपाल का कैलाश इकलौता बेटा है और बेटे के पास एक बेटा एक बेटी थे। लेकिन अब वह बेटा नहीं रहा। हर कोई कैलाश को ढांढस बंधाने में जुटा रहा।

हादसे में बेटे के साथ-साथ माता-पिता को खो देने वाला बेटा कैलाश घटना के बाद से बदहवास है। कभी वह इमरजेंसी की ओर भागता तो कभी रिश्तेदारों से लिपटकर जोर-जोर से रोने लगता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें