आईपीएस अधिकारियों व पुलिस कप्तानों को दिया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण
बताया, यह मॉड्यूल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित है। इस माह के अंत तक केंद्र सरकार के बनाए गए आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर चलाया जाएगा। इसके बाद सभी कर्मियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल को चारधाम यात्रा के दृष्टिगत करीब 20 दिन का समय दिया जाएगा।
कहा, वे पोर्टल पर उपलब्ध 18 लेक्चर माड्यूल का अध्ययन कर टेस्ट देने के बाद प्रशिक्षित हो जाएंगे। नागरिक पुलिस व पीएसी के 1000 रिक्रूट आरक्षियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके लिए लगभग 500 मुख्य आरक्षियों को प्रमोशन के लिए भी नए आपराधिक कानूनों का प्रशिक्षण दिया गया है। सभी आईपीएस अधिकारियों व पुलिस कप्तानों को भी दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
बताया, ऑफलाइन ट्रेनिंग चार चरण में पूरी होनी थी, जिसमें अभी तक तीन चरण पूरे हो चुके हैं। बागेश्वर, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में यह ट्रेनिंग समाप्त भी हो चुकी है। पिचहत्तर प्रतिशत ऑफलाइन मोड का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अगले एक हफ्ते में ऑफलाइन प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर सभी पुलिस कर्मियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
25 हजार पुलिस बल का प्रशिक्षण होगा
भारतीय न्याय संहिता में छोटे और बड़े 190, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 360 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 45 बदलाव किए गए हैं। नए कानूनों को सभी पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षण का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। लगभग 25,000 पुलिस बल का ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में प्रशिक्षण प्रस्तावित है।
ये भी पढ़ें...Chardham Yatra : सुगम यात्रा के सरकारी दावे फेल, बिना दर्शन घर लौटने लगे तीर्थयात्री; अब तक 4000 ने की वापसी