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बेकाबू डंपरों ने देहरादून में बरपाया कहर, कुचलकर तीन की मौत

Sat, 15 Oct 2016 03:23 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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accident - फोटो : amar ujala
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देहरादून में शिमला बाईपास पर अवैध खनन में लगे डंपरों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बड़ोवाला और गोरखपुर के बीच 16 घंटे के भीतर बेकाबू डंपरों के कुचलने से दंपति समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल चौथा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
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उधर, हादसों से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को कई घंटे तक सड़क पर जाम लगाकर खूब हंगामा किया और पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। नो एंट्री सख्ती से लागू करने और तेज गति से दौड़ने वाले डंपरों पर ब्रेक लगाने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। वहीं, पुलिस ने दोनों हादसों में शामिल डंपर चालकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

राजधानी में अजबपुर कलां के बैंक कॉलोनी निवासी धनीराम जोशी (50) अपनी पत्नी कृष्णा जोशी (48) के साथ शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे स्कूटी पर सवार होकर रिश्तेदारी में कारबारी गांव जा रहे थे। इसी बीच गोरखपुर के पास पीछे से तेजी से आए डंपर ने स्कूटी में टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी तेज थी कि पति-पत्नी सड़क पर गिर गए और डंपर उन्हें कुचलते हुए निकल गया। भीषण हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई और चालक डंपर मौके पर छोड़कर फरार हो गया। मृतक दंपति के कारबारी प्रधान दयानंद जोशी के परिवार के सदस्य होने के कारण कुछ देर में मौके पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए।

उग्र भीड़ ने हंगामा करते हुए शिमला बाईपास जाम कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही सहसपुर के भाजपा विधायक सहदेव पुंडीर और भाजपा जिला उपाध्यक्ष विनय रावत अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।

खनन से भरे डंपर इंसानी जिंदगी पर भारी

accident
उनका आरोप है कि खनन से भरे डंपर इंसानी जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद भी उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस के साथ गरमा-गरमी भी हुई। इसी बीच एसपी सिटी अजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए।

काफी देर तक गहमागहमी के बाद लिखित समझौता होने पर ग्रामीणों ने जाम खोला। ग्रामीणों ने जोशी दंपति के अलावा हादसे में जान गंवाने वाली ऋचा रतूड़ी के परिजनों को पांच-पांच लाख मुआवजे देने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि धनीराम जोशी ओएनजीसी असम में कार्यरत थे। फिलहाल वह छुट्टी पर दून आए थे। जाम लगाने वालों में युवक मंगल दल के अध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रसाद देवली, प्रधान सीमा देवी, सुलेमान अंसारी, प्रमोद रतूडी, प्रेम सिंह भंडारी, ओमबीर राघव, दीपक थपलियाल और गालिब हुसैन शामिल थे।

उधर, शिमला बाइपास पर ही बड़ोवाला के पास बृहस्पतिवार रात भी एक अन्य हादसे में महिला की जान चली गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के नाई गांव निवासी दलीप रतूड़ी और उनकी पत्नी ऋचा रतूड़ी रात में स्कूटी पर बड़ोवाला में एक शादी समारोह में भाग लेने गए थे। वापस लौटते समय साढ़े दस बजे के करीब बेकाबू डंपर ने स्कूटी में टक्कर मारकर उन्हें कुचल दिया। हादसे में ऋचा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दलीप रतूडी गंभीर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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यह हुआ समझौता

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समझौता
- शिमला बाईपास पर सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक बड़े वाहनों पर रोक रहेगी। 
- वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए सप्ताह में दो बार चेकिंग की जाएगी।
- बल्लूपुर में फ्लाईओवर का निर्माण होने के बाद तमाम वाहन उधर से निकाले जाएंगे। 
- पीडब्लूडी विभाग सड़क के दोनों तरफ दुर्घटना रोकने के संकेत बोर्ड लगाएगा।

डंपर पर रोक लगाने पर विचार
बढ़ती दुर्घटनाओं के मद्देनजर डंपरों के आवागमन पर रोक लगाने के लिए विचार चल रहा है। प्रशासन, पीडब्लूडी और आरटीओ से बात कर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके। फिलहाल नो एंट्री को सख्ती से लागू करने के साथ ही चेकिंग बढ़ाई जाएगी।
- डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

एक साल में 100 मौत
सहसपुर विधानसभा के प्रभारी खेमचंद गुप्ता का आरोप है कि शिमला बाईपास से लेकर धर्मवाला तक 37 गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर बेकाबू डंपरों का कहर बदस्तूर जारी है। एक माह में ये डंपर करीब 100 लोगों की जिंदगी निगल चुके हैं। हर हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन कार्रवाई की बात करता है, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ रही है। 
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