कहा कि उन्होंने परीक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी फिर भी उन्हें फेल किया जाता रहा। बताया कि वे यह सहन नहीं कर पाईं और तीनों ने एक साथ मरने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुबह बस स्टेशन के नजदीक एक मेडिकल स्टोर से नींद की गोलियां व चूहे मारने की दवा ली। कहा कि तीनों ने मिलकर नींद की आठ-आठ गोलियां खाईं और उसके बाद चूहे मारने की दवा भी खा ली।
एक छात्रा ने हाथ पर ब्लेड से नस काटने की भी कोशिश की। मामले में विद्यालय के प्रबंधक दामोदर ममगाईं ने बताया कि तीन में से दो छात्राएं उत्तीर्ण हैं और एक फेल हुई है। इसमें विद्यालय का कोई दोष नहीं है।
भगत राम न्यू मॉडर्न स्कूल की तीन छात्राओं द्वारा दवा खाकर जान देने कोशिश को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। एसएसपी जेआर जोशी ने कहा कि पुलिस तहरीर का इंतजार नहीं करेगी। स्वयं संज्ञान लेते हुए सतही जांच करेगी। कहा कि दवाइयां डाक्टर की पर्ची पर ही दी जाती हैं और जिस मेडिकल स्टोर ने नाबालिग छात्राओं को दवाइयां दीं, उस पर कार्रवाई की जाएगी।